Ranchi: झारखंड आंदोलन के प्रमुख नेताओं में शामिल और पूर्व विधायक स्वर्गीय कमल किशोर भगत की 57वीं जयंती के अवसर पर आजसू पार्टी ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर रांची स्थित पार्टी के केंद्रीय कार्यालय में एक विशेष सभा आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता महानगर वरीय उपाध्यक्ष बंटी यादव ने की।
कमल किशोर भगत: आंदोलन से विधानसभा तक का सफर
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता और पार्टी के केंद्रीय उपाध्यक्ष प्रवीण प्रभाकर ने स्वर्गीय भगत को याद करते हुए कहा, “कमल किशोर भगत झारखंड आंदोलन की आत्मा थे। उन्होंने न सिर्फ संगठन को मजबूत किया, बल्कि जनता के बीच भी जबरदस्त लोकप्रियता हासिल की।”
उन्होंने बताया कि 1995 के बाद जब पार्टी में बिखराव हुआ, तब भगत ने संगठन को संभाला और आंदोलन की भावना को जीवित रखा। उन्होंने यह भी बताया कि 1999 में तत्कालीन केंद्रीय गृहमंत्री लालकृष्ण आडवाणी के साथ झारखंड राज्य गठन पर हुई बातचीत में भी भगत शामिल थे।
कमल किशोर भगत के विचार हमारे लिए मार्गदर्शन: प्रवीण प्रभाकर
प्रभाकर ने कहा, “आजसू पार्टी केवल एक राजनीतिक संगठन नहीं, बल्कि यह उन आंदोलनों की विरासत है जो झारखंड की आत्मा में बसते हैं। हम सभी का संकल्प है कि भगत जी के विचार और संघर्ष हमेशा जीवित रहेंगे।”
कार्यक्रम में कई नेताओं ने रखे विचार
सभा की शुरुआत स्व. कमल किशोर भगत की प्रतिमा पर पुष्पांजलि व माल्यार्पण से हुई। इस अवसर पर केंद्रीय महासचिव संजय मेहता ने कहा कि भगत ने झारखंड गठन में अपनी भूमिका निभाई और विधायक रहते हुए लोहरदगा क्षेत्र के विकास व अधिकारों के लिए संघर्ष किया।
बंटी यादव ने कहा, “मैं भगत जी के नेतृत्व से प्रेरित होकर ही आजसू पार्टी से जुड़ा था। उनकी सोच और संघर्ष आज भी हम सभी के लिए प्रेरणा है।”
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इन नेताओं की रही उपस्थिति
कार्यक्रम में हरीश कुमार, बबलू महतो, रमेश गुप्ता, आशीष पाठक, पूतुल यादव, मनोज ठाकुर, संजय वर्मा, अभिषेक नायक, सौरव समीर, रवि कुमार समेत कई नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।












