सतगावां (कोडरमा)। वन अधिकार अधिनियम 2006 के तहत वन भूमि पर मालिकाना हक की मांग को लेकर शुक्रवार को सैकड़ों ग्रामीणों ने प्रखंड सह अंचल कार्यालय के समक्ष एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया। इससे पूर्व आवेदकों ने साप्ताहिक हाट मैदान से रैली निकालकर मुख्यालय पहुंचकर अपनी आवाज बुलंद की।
सीओ के कार्यालय छोड़ने पर भड़के ग्रामीण
रैली जैसे ही प्रखंड मुख्यालय पहुंची, सीओ कार्यालय छोड़कर चले गए। इससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी दिखी। धरना प्रदर्शन की अध्यक्षता पंसस प्रतिनिधि दिवाकर कुमार ने की जबकि संचालन पूर्व पंसस धनंजय यादव ने किया।
भ्रष्टाचार और मनमानी का आरोप
वक्ताओं ने आरोप लगाया कि सरकार के आदेश के बावजूद अधिकारी वन पट्टा वितरण में कोताही बरत रहे हैं। साथ ही अंचल कार्यालय के प्रधान लिपिक पर हर कार्य के लिए रिश्वत मांगने का भी आरोप लगाया गया। वक्ताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि 20 दिनों के भीतर वन पट्टा का वितरण नहीं हुआ तो अनिश्चितकालीन धरना और भूख हड़ताल किया जाएगा।
अन्य विभागों पर भी लगे आरोप
पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के कनिष्ठ अभियंता पर भी ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि वे चापाकल लगाने में निधारित स्थल छोड़कर पैसे लेकर अन्यत्र स्थल पर चापाकल दे रहे हैं। साथ ही प्रखंड के खूँटा, अंगार और दोनैया में बन रही पानी टंकी में घटिया सामग्री उपयोग करने की जांच की मांग की गई।
गूंजे नारे
धरना और रैली के दौरान ग्रामीणों ने नारे लगाए –
- “सीओ तेरी मनमानी नहीं चलेगी”
- “प्रखंड प्रशासन हाय-हाय”
- “वन पट्टा की गारंटी देना होगा”
- “दाखिल-खारिज में पैसा लेना बंद करो”
ज्ञापन सौंपा गया
सभा समाप्ति के बाद एक शिष्टमंडल ने बीडीओ ओमप्रकाश बड़ाईक को उपायुक्त के नाम ज्ञापन सौंपा। इसमें दो सूत्री मांग रखी गई –
- सभी वन पट्टा आवेदनों की जांच कर जल्द से जल्द वितरण।
- पानी टंकी निर्माण कार्य में हो रही अनियमितता की उच्च स्तरीय जांच।
सभा को समाजसेवी अजीत यादव, गणेश राय, विकास कुमार, रामबालक प्रसाद यादव समेत कई लोगों ने संबोधित किया।













