रांची: झारखंड विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष Babulal Marandi ने आज माननीय राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार को एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में मरांडी ने राज्य सरकार के उत्पाद विभाग में हुए बहुचर्चित शराब घोटाले की जांच में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की संदिग्ध भूमिका पर गंभीर चिंता व्यक्त की।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि ACB ने अवैध रूप से चार्जशीट दाखिल न करके रसूखदार आरोपियों को डिफॉल्ट बेल दिलाने में मदद की है, जिससे राज्य के राजस्व को भारी नुकसान हुआ और न्याय प्रक्रिया कमजोर हुई।
ज्ञापन में उठाए गए मुख्य मुद्दे:
- घोटाले का दायरा: 2022 में उत्पाद नीति में बदलाव के बाद शुरू हुआ यह घोटाला अब 750 करोड़ रुपये से अधिक का हो चुका है।
- मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी:
- 20 मई 2025: तत्कालीन उत्पाद सचिव विनय कुमार चौबे और संयुक्त उत्पाद आयुक्त गजेंद्र सिंह
- 21 मई 2025: JSBCL के महाप्रबंधक (वित्त) सुधीर कुमार दास, पूर्व महाप्रबंधक सुधीर कुमार और प्लेसमेंट एजेंसी के नीरज कुमार
- अक्टूबर 2025: महाराष्ट्र और गुजरात से 7 अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी
- ACB की कार्यप्रणाली पर सवाल:
- गजेंद्र सिंह को महज 56 दिनों में जमानत
- विनय चौबे और अन्य आरोपियों को ‘डिफॉल्ट बेल’
- कुल 17 आरोपियों में से 14 आरोपियों को चार्जशीट न दाखिल होने के कारण जमानत
- नवीन केडिया मामले में लापरवाही: जनवरी 2026 में गोवा से गिरफ्तारी के बाद ट्रांजिट बेल पर फरार
नेता प्रतिपक्ष की मांग:
- ACB को तुरंत चार्जशीट दाखिल करने का निर्देश
- पूरे मामले की CBI को तत्काल हस्तांतरण
- दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित कर राज्य के राजस्व और जनता के विश्वास की रक्षा
Babulal Marandi ने कहा:
“जब राज्य की सर्वोच्च भ्रष्टाचार निरोधक एजेंसी ही आरोपियों को बचाने का माध्यम बन जाए, तो न्याय की उम्मीद रखना बेमानी है। राज्यपाल के हस्तक्षेप से ही निष्पक्ष न्याय सुनिश्चित किया जा सकता है।”













