बांग्लादेश में नई सरकार के गठन के बाद पूर्व सांसद फुरकान अंसारी ने नव-निर्वाचित प्रधानमंत्री तारीक रहमान को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि यह जनादेश भाषा, संस्कृति और जनस्वार्थ की ऐतिहासिक जीत है।
लोकतंत्र पर जनता का मजबूत भरोसा
अपने बयान में फुरकान अंसारी ने कहा कि बांग्लादेश की जागरूक जनता ने लोकतंत्र में अटूट विश्वास दिखाया है। उन्होंने कहा कि चुनाव परिणामों ने स्पष्ट कर दिया है कि सांप्रदायिक ताकतों के लिए वहां कोई जगह नहीं है। मतदाताओं ने विकास, शांति और भाईचारे की राजनीति को प्राथमिकता दी है।
जमाते इस्लामी की करारी हार पर टिप्पणी
अंसारी ने कहा कि इस चुनाव में जमाते इस्लामी की करारी हार यह दर्शाती है कि बांग्लादेश के लोग नफरत और कट्टरता की राजनीति को स्वीकार नहीं करते। उन्होंने इसे समावेशी और प्रगतिशील सोच की जीत बताया।
हिंदू प्रत्याशियों की जीत का संदेश
फुरकान अंसारी ने कहा कि कई हिंदू प्रत्याशियों की जीत इस बात का संकेत है कि बांग्लादेश की जनता धर्म से ऊपर उठकर योग्य और समावेशी नेतृत्व को चुन रही है। उनके मुताबिक यह परिणाम सामाजिक सौहार्द और भाईचारे की राजनीति को मिला जनसमर्थन है।
भारत-बांग्लादेश रिश्तों को मिलेगा बल
उन्होंने यह भी कहा कि भारत से कई बड़े नेता शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने जा रहे हैं, जिससे दोनों देशों के बीच आपसी विश्वास और सहयोग को मजबूती मिलेगी। अंसारी ने उम्मीद जताई कि नई सरकार के नेतृत्व में बांग्लादेश विकास और स्थिरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेगा।
अंत में उन्होंने बांग्लादेश की जनता को लोकतांत्रिक फैसले के लिए बधाई देते हुए कहा कि यह जनादेश अमन, तरक्की और क्षेत्रीय सहयोग की जीत है।












