Jharkhand News: झारखंड सरकार की कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री Shilpi Neha Tirkey ने बेड़ो के महादानी विवाह मंडप और मांडर प्रखंड कार्यालय में आयोजित CSR कार्यक्रम के दौरान बड़ी पहल करते हुए, जरूरतमंदों के बीच ट्राई साइकिल और सिलाई मशीन का विरतरण किया। इस दौरान उन्होनें कहा कि सरकार योजनाओं का लाभ जाति या धर्म के आधार पर नहीं देती है, बल्कि इसका लाभ जरूरतमंदों को देती है। हमारी कोशिश जनता की बड़ी जरूरतों के साथ-साथ छोटी से छोटी जरूरतों को भी पूरा करने की है।
बैंक ऑफ इंडिया की CSR पहल
बैंक ऑफ इंडिया द्वारा CSR कार्यक्रम के तहत बेड़ो, इटकी, लापुंग और मांडर प्रखंड के जनता को योजना का लाभ दिया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि ट्राई साइकिल मिलने से दिव्यांगजनों को आवागमन में सहजता होगी, वहीं सिलाई मशीन से महिला लाभुकों को स्वरोजगार के नए अवसर मिलेंगे।
CSR कानून की पृष्ठभूमि
मंत्री ने कहा कि वर्ष 2013 में कांग्रेस की अगुवाई वाली केंद्र सरकार ने कंपनी एक्ट में CSR का प्रावधान किया था, जिसके तहत कंपनियों को अपने कुल मुनाफे का 2 प्रतिशत राशि सामाजिक विकास, विशेषकर शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में खर्च करना अनिवार्य किया गया। आज इतने वर्षों बाद भी इस कानून का लाभ जरूरतमंदों तक पहुंच रहा है, जो सामाजिक उत्तरदायित्व की सफलता को दर्शाता है।
Shilpi Neha Tirkey ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना
मंत्री Shilpi Neha Tirkey ने मनरेगा का नाम बदलने को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि मजदूरी दर में बढ़ोतरी की जाती, तो इसका सीधा लाभ मजदूरों को मिलता। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार धर्म और जाति के नाम पर राजनीति कर रही है।
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भविष्य में भी जारी रहेगा CSR कार्यक्रम
इस अवसर पर बैंक ऑफ इंडिया के महाप्रबंधक गुरु प्रसाद गोंड ने कहा कि बेहतर जनप्रतिनिधित्व के कारण लोगों को उनका हक मिल पा रहा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भविष्य में भी मांडर क्षेत्र में CSR कार्यक्रम जारी रहेंगे। कार्यक्रम के दौरान मांडर में आंगनबाड़ी सेविकाओं के बीच इंटरलॉकिंग मैट का भी वितरण किया गया।












