भाजपा प्रदेश कार्यालय में मंगलवार को पार्टी प्रवक्ता प्रतुल सहदेव ने एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता की. उन्होंने झारखंड हाईकोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए और हेमंत सोरेन सरकार पर सुरक्षा में लापरवाही और घोटाले का आरोप लगाया.
“हाईकोर्ट परिसर में लगाए गए सुरक्षा उपकरण…”- प्रतुल सहदेव
प्रतुल सहदेव ने कहा कि सरकार ने हाईकोर्ट में जिस संवेदना सुरक्षा प्रणाली को लगाया है, वह बेहद लचर और पुराने उपकरणों पर आधारित है. उन्होंने बताया कि जून माह में स्पेशल ब्रांच के डीआईजी द्वारा की गई जांच में कई खामियां सामने आई हैं. जांच में पाया गया कि हाईकोर्ट परिसर में लगाए गए सुरक्षा उपकरण अत्यंत कमजोर हैं , जैसे कि आईडी बम डिटेक्शन मशीन प्रभावी रूप से कार्य नहीं कर रही और वहां लगाए गए मिरर भी बम या संदिग्ध वस्तु की पहचान में असमर्थ हैं.
उन्होंने इस पूरे मामले को सुरक्षा के साथ एक गंभीर खिलवाड़ बताया और कहा कि जब झारखंड के सबसे बड़े न्यायिक संस्थान की सुरक्षा के साथ समझौता किया जा सकता है, तो आम नागरिक कितने सुरक्षित हैं, यह सोचने का विषय है.
भाजपा प्रवक्ता ने की जांच की मांग
भाजपा प्रवक्ता ने मांग की कि सरकार तत्काल प्रभाव से पुराने और निष्क्रिय सुरक्षा उपकरणों को हटाकर अत्याधुनिक सिस्टम लगवाए. साथ ही उन्होंने उस टेंडर की जांच की मांग की, जिसके माध्यम से यह उपकरण लगाए गए थे.
प्रतुल ने कहा, यह कोई पहली घटना नहीं है. जमशेदपुर और धनबाद जैसे स्थानों पर न्यायालयों में पूर्व में भी सुरक्षा में चूक की घटनाएं सामने आ चुकी हैं. ऐसे में झारखंड हाईकोर्ट जैसे संवेदनशील संस्थान की सुरक्षा के साथ कोई भी समझौता नहीं किया जाना चाहिए.
read more- Jharkhand Monsoon Update: झारखंड में मानसून हुआ एक्टिव, मौसम विभाग का अलर्ट जारी
भाजपा ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से आग्रह किया कि वे इस मामले में हस्तक्षेप कर अविलंब सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त कराएं और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई सुनिश्चित करें













