Jharkhand: राजधानी रांची के पुराने विधानसभा मैदान में कांग्रेस द्वारा आयोजित संविधान बचाओ रैली में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने हाल ही में पहलगाम में हुई आतंकी घटना का ज़िक्र करते हुए खुफिया तंत्र की विफलता का आरोप लगाया। इस बयान पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
भाजपा प्रवक्ता प्रतुल सहदेव ने खड़गे के बयान पर पलटवार करते हुए कांग्रेस को 1976 के आपातकाल की याद दिलाई। उन्होंने कहा कि आज जो पार्टी संविधान बचाने की बात कर रही है, वही पार्टी कभी संविधान में मनमाने तरीके से बदलाव कर चुकी है। सहदेव ने कहा, “आपातकाल के दौरान तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने संविधान में ऐसे संशोधन किए थे, जिन्हें बाद में सुप्रीम कोर्ट ने असंवैधानिक ठहराया था।”
भाजपा ने खड़गे के सुरक्षा विफलता वाले आरोप पर भी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कांग्रेस को पहले अपने शासनकाल में हुई घटनाओं को देखना चाहिए। पार्टी प्रवक्ताओं ने इंदिरा गांधी की उनके ही सुरक्षा कर्मियों द्वारा की गई हत्या और 26/11 मुंबई हमले जैसे मामलों का हवाला देते हुए कहा कि उस वक्त भाजपा ने राजनीतिक लाभ के लिए ऐसे आरोप नहीं लगाए थे।
भाजपा ने स्पष्ट किया कि पहलगाम में हुए आतंकी हमले के दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। पार्टी ने प्रधानमंत्री के बयान को दोहराते हुए कहा कि “दोषियों को मिट्टी में मिला दिया जाएगा।”
इसके साथ ही भाजपा ने कांग्रेस पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने राहुल गांधी के एक कथित रिश्तेदार के बयान का हवाला दिया जिसमें मुस्लिमों को ‘कमजोर’ बताया गया था। भाजपा का कहना है कि ऐसे बयान देश की एकता और सामाजिक सौहार्द के खिलाफ हैं।












