रांची: 11वीं जेपीएससी परीक्षा का परिणाम लंबे समय से लंबित रहने से नाराज अभ्यर्थियों ने बुधवार से झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) मुख्यालय के समक्ष अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे है. गुरुवार को भी सभी छात्र हाथों में तख्ती लिए प्रदर्शन कर रहे है. इस दौरान प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों ने “रिजल्ट जारी करो” जैसे नारे लगाते हुए आयोग से जल्द परिणाम घोषित करने की मांग की.
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि परीक्षा को संपन्न हुए 10 महीने हो चुके हैं, लेकिन अब तक आयोग की ओर से परिणाम की कोई सूचना नहीं दी गई है. इससे न केवल वे मानसिक तनाव में हैं, बल्कि उनका भविष्य भी अनिश्चित बना हुआ है.
वहीं, एक अभ्यर्थी ने कहा कि हमने परीक्षा की तैयारी में पूरी मेहनत की है और महीनों से परिणाम का इंतजार कर रहे हैं. आयोग को हमारे करियर से खिलवाड़ करने का अधिकार नहीं है. परिणाम में हो रही देरी पर आयोग को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए. बता दें छात्रों ने चेतावनी दी कि अगर परिणाम घोषित नहीं होता है तो हमारा निश्चित कालीन धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा.
इस को लेकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने भी राज्य सरकार को घेरते हुए अपने सोशल मीडिया अकाउंट ‘एक्स’ पर ट्वीट कर लिखा कि “ हेमंत सोरेन जी ने प्रतिवर्ष JPSC परीक्षा कराने का वादा किया था, लेकिन स्थिति यह है कि मुख्य परीक्षा के 10 महीने बीत जाने के बाद भी आज तक रिजल्ट जारी नहीं किया गया. छात्रों द्वारा महीनों तक आंदोलन किए जाने के बाद JPSC अध्यक्ष पद की नियुक्ति की गई, तो अभ्यर्थियों के बीच थोड़ी आस जगी लेकिन नवनियुक्त अध्यक्ष रिजल्ट निकालने की दिशा में एक कदम भी आगे नहीं बढ़ा पाए हैं. हेमंत सोरेन जी ने JPSC में भ्रष्ट अधिकारियों और अपने चाटुकारिता करने वाले नेताओं के परिजनों को नियुक्त कर इसे पंगु बना दिया है. आयोग के सदस्य सिर्फ अपना वेतन उठा रहे हैं, जबकि लाखों छात्र दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हैं”.
हेमंत सोरेन जी ने प्रतिवर्ष JPSC परीक्षा कराने का वादा किया था, लेकिन स्थिति यह है कि मुख्य परीक्षा के 10 महीने बीत जाने के बाद भी आज तक रिजल्ट जारी नहीं किया गया।
छात्रों द्वारा महीनों तक आंदोलन किए जाने के बाद JPSC अध्यक्ष पद की नियुक्ति की गई, तो अभ्यर्थियों के बीच थोड़ी आस…
— Babulal Marandi (@yourBabulal) May 8, 2025












