Jharkhand: मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने एक बार फिर अपने कृषि-प्रेम और किसान-हितैषी दृष्टिकोण का परिचय देते हुए रामगढ़ जिले के नेमरा गांव में खेतों का दौरा किया। उन्होंने खेतों में जाकर धान रोपनी का अवलोकन किया और स्थानीय किसानों तथा महिलाओं से सीधे संवाद स्थापित कर खेती-किसानी की जमीनी स्थिति की जानकारी ली।
मुख्यमंत्री ने किसानों से कहा – “कृषि हमारी अस्मिता, संस्कृति और अर्थव्यवस्था की रीढ़ है”
मुख्यमंत्री श्री सोरेन ने खेतों में मेहनत करती महिलाओं और किसानों से बातचीत करते हुए कहा,
“कृषि ना केवल हमारी अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, बल्कि यह हमारी अस्मिता, संस्कृति और परंपरा की भी पहचान है। किसानों की खुशहाली ही राज्य और देश की समृद्धि की बुनियाद है।”
किसानों से सीधा संवाद, समस्याओं के समाधान का भरोसा
मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर किसानों के चेहरे खिल उठे। उन्होंने मुख्यमंत्री से अपने अनुभव, समस्याएं और आवश्यकताओं को साझा किया। श्री सोरेन ने उन्हें आश्वस्त करते हुए कहा कि:
“किसानों का कल्याण हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। आपके लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। उनसे जुड़ें और खुद को सशक्त बनाएं। मैं हमेशा आपके साथ हूं।”
धान रोपनी कर रही महिलाओं से की मुलाकात
मुख्यमंत्री खेतों की मेड़ों पर चलकर धान की बुवाई कर रही ग्रामीण महिलाओं के बीच पहुंचे और उनके साथ खेतों की हरियाली और फसलों की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने कहा:
“खेतों में लहराती हरियाली हमारे अन्नदाताओं की कड़ी मेहनत का प्रतीक है। जब फसलें लहलहाएंगी, तो यह किसानों के चेहरों की मुस्कान बनेगी।”













