Jharkhand News: पौष (पूस) माह का आधा महीना बीत चुका है, लेकिन अब तक यह उस कंपकंपाने वाले ठंड का अहसास नहीं करा सका, जिसके लिए यह जाना जाता है। झारखंड के कुछ जगहों को छोड़ दें, जहां न्यूनतम तापमान 3 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच चुका है, तो राज्य के अधिकांश इलाकों में अभी भी न्यूनतम तापमान 8 से 10 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। अब निगाहें पौष के दूसरे हिस्से पर टिकी हैं कि इस दौरान यह कितना ठंड लेकर आता है।
पश्चिमी विक्षोभ के कमजोर पड़ने से राहत
मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के कमजोर पड़ने से Jharkhand को लोगों को राहत तो मिली ही है, वहीं देश के अन्य राज्यों में भी तापमान में अपेक्षित गिरावट देखने को नहीं मिली है। पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी कम होने और ठंडी हवाओं के प्रवाह में कमी के कारण मैदानी इलाकों में शीतलहर का असर फिलहाल कम है।
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Jharkhand का सबसे ठंडा जिला बना पलामू
झारखंड के मौसम की बात करें तो इन दिनों पलामू झारखंड का सबसे ठंडा जिला बना हुआ है, जहां न्यूनतम तापमान करीब 7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है। वहीं अधिकतम तापमान के मामले में जमशेदपुर पारा 27 डिग्री सेल्सियस के साथ आगे है। राजधानी में भी न्यूनतम तापमान लगभग 9 डिग्री और अधिकतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस के नजदीक बना हुआ है।
आने वाले दिनों में तापमान में और गिरावट की संभावना
मौसम विभाग का अनुसार, आगामी दिनों में तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी और शीतलहर का असर बढ़ सकता है। इसे देखते हुए विभाग ने पलामू, गुमला, खूंटी, रांची, सिमडेगा और लातेहार जिलों के लिए शीतलहर का अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में तापमान 5 से 6 डिग्री सेल्सियस तक गिरने की आशंका है।
मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि ठंड के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए सावधानी बरतें और खासकर बच्चों व बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें।












