Jharkhand News: सोमवार को उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री की अध्यक्षता में आयोजित जनता दरबार में बड़ी संख्या में फरियादी पहुंचे। इस दौरान जमीन विवाद, सामाजिक सुरक्षा योजनाएं, पेंशन, शिक्षा, सड़क और पुल निर्माण से जुड़े आवेदन दिए गए। डीसी ने हर शिकायत को गंभीरता से सुनते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
नक्सली त्रिलोचन सिंह के परिजनों को मिली जमीन की उम्मीद
करीब दस साल पहले ‘नई दिशा’ योजना के तहत नक्सली त्रिलोचन सिंह ने आत्मसमर्पण किया था। सरकार ने सरेंडर पॉलिसी के तहत उनके परिवार को चार डिसिमल जमीन आवंटित की थी, लेकिन उस पर काम नहीं हो पाया था।
सोमवार को त्रिलोचन के भाई और पत्नी फरियाद लेकर जनता दरबार पहुंचे। डीसी ने तुरंत संबंधित सीओ को फोन कर वैकल्पिक जगह पर जमीन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। परिजनों ने कहा— “यह हमारे लिए बहुत बड़ी मदद है।”
म्यूटेशन मामले में तुरंत हुई कार्रवाई
राकेश कुमार चौधरी लंबे समय से म्यूटेशन के लिए अंचल कार्यालय का चक्कर लगा रहे थे। शिकायत सुनते ही डीसी ने सीओ को निर्देश दिया कि तुरंत कार्यवाही की जाए। कुछ ही मिनटों बाद सीओ ने फोन कर बताया कि चौधरी का सक्सेशन म्यूटेशन कर दिया गया है।
मारपीट और छिनतई मामले में पुलिस को पत्र
कांके थाना क्षेत्र के पीड़ित अहमद रजा ने शिकायत की कि 28 अगस्त को होचर बस्ती में अपराधियों ने उनके साथ मारपीट और छिनतई की, लेकिन एफआईआर के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई। डीसी ने इस पर एसएसपी रांची को पत्राचार कर त्वरित कार्रवाई का आदेश दिया।
जनता दरबार: प्रशासन और आमजन के बीच सीधी कड़ी
डीसी मंजूनाथ भजंत्री ने कहा कि—
“जनता दरबार प्रशासन तक सीधी पहुंच का सबसे प्रभावी माध्यम है। कोई भी फरियाद अनसुनी नहीं होगी। सभी विभागीय पदाधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि शिकायतों का निस्तारण प्राथमिकता और पारदर्शिता के साथ किया जाए।”












