DDH in Children: क्या है DDH? वरुण धवन की बेटी जिस गंभीर बीमारी से गुजरी, उसे हर माता-पिता के लिए समझना है जरूरी
DDH in Children: बॉलीवुड एक्टर वरुण धवन और उनकी पत्नी नताशा दलाल के लिए पिछला कुछ समय काफी चुनौतीपूर्ण रहा। वरुण ने हाल ही में एक यूट्यूब चैनल को दिए इंटरव्यू में बताया कि उनकी बेटी लारा जब डेढ़ साल की थीं, तब उनमें DDH (Developmental Dysplasia of the Hip) का पता चला था।
वरुण ने बताया कि इस बीमारी के कारण लारा को करीब ढाई महीने तक स्पिका कास्ट (कमर से पैर तक का प्लास्टर) में रहना पड़ा। हालांकि, राहत की बात यह रही कि उनकी स्थिति बिना सर्जरी के, एक विशेष मेडिकल प्रक्रिया (Closed Reduction) से ठीक हो गई।
क्या है DDH (डेवलपमेंटल डिस्प्लेसिया ऑफ द हिप)?
DDH बच्चों में होने वाली एक ऐसी स्थिति है जिसमें हिप जॉइंट (कूल्हे का जोड़) ठीक से विकसित नहीं होता है। इस बीमारी में कूल्हे की हड्डी अपनी सही जगह (सॉकेट) से बाहर खिसक जाती है।
हिप डिस्प्लासिया कूल्हे के जोड़ की एक गंभीर स्थिति है जिसमें कूल्हे का सॉकेट (Socket), बॉल (Ball) वाले हिस्से को पूरी तरह से कवर नहीं कर पाता। इसके कारण जोड़ के विस्थापन (Dislocation) का खतरा बना रहता है। यह समस्या जन्मजात हो सकती है या शुरुआती बचपन में विकसित हो सकती है। शुरुआती दौर में, विशेषकर एक साल से कम उम्र के बच्चों में, इसके लक्षण पहचानना मुश्किल होता है, लेकिन समय पर इलाज न मिलने से भविष्य में गठिया (Arthritis), लंगड़ापन और कमर दर्द जैसी जटिलताएं हो सकती हैं।
DDH के लक्षण और खतरे:
- एक पैर का दूसरे पैर से छोटा या लंबा दिखना।
- बच्चे के चलने या रेंगने (Crawling) के दौरान लंगड़ाहट होना।
- पैर को बाहर की तरफ मोड़ने में कठिनाई होना।
- समय पर इलाज न होने पर भविष्य में आर्थराइटिस और स्लिप डिस्क का खतरा।
- यदि परिवार में किसी को यह समस्या है या समान जुड़वां (Identical Twins) में से एक प्रभावित है, तो दूसरे बच्चे में इसका जोखिम 40% तक बढ़ जाता है।
- जन्म के समय शिशु का उल्टा होना (Breech Presentation) और बच्चों को गलत तरीके से कपड़े में लपेटने (Swaddling) की प्रथाएं भी इसके जोखिम को बढ़ाती हैं।
- पुरुषों की तुलना में महिलाओं में यह समस्या अधिक देखी जाती है। साथ ही, बायां कूल्हा दाएं की तुलना में अधिक प्रभावित होता है।
भारत बनाम पश्चिमी देशों में DDH के इलाज की सुविधा
इंटरव्यू के दौरान वरुण ने एक महत्वपूर्ण बिंदु उठाया। उन्होंने कहा कि पश्चिमी देशों में जन्म के तुरंत बाद ही DDH की जांच बेहतर तरीके से की जाती है। भारत में अभी भी हर जगह ऐसी एडवांस स्क्रीनिंग सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं, हालांकि यहां विशेषज्ञों और अच्छे डॉक्टरों की कोई कमी नहीं है। वरुण का उद्देश्य इस बीमारी के प्रति अन्य माता-पिता को जागरूक करना था ताकि वे समय रहते लक्षणों को पहचान सकें।
चुनौतीपूर्ण रहा 2.5 महीने का समय
वरुण ने बताया कि एक छोटी बच्ची के लिए स्पिका कास्ट में रहना बहुत मुश्किल था। एनेस्थीसिया के बाद जब लारा को होश आया, तो वह काफी असहज थीं। लेकिन धीरे-धीरे उन्होंने उस स्थिति में ढलना सीख लिया। अब लारा पूरी तरह स्वस्थ हैं और सामान्य रूप से चल-फिर सकती हैं।
वरुण और नताशा ने 2021 में शादी की थी और 2024 में लारा का जन्म हुआ। अपनी प्राइवेसी को ध्यान में रखते हुए कपल ने अभी तक बेटी का चेहरा सार्वजनिक नहीं किया है।
DDH in Children: माता-पिता के लिए सलाह
यदि आपको अपने बच्चे के चलने के तरीके में कोई असामान्य बदलाव दिखे या पैरों की लंबाई में फर्क महसूस हो, तो तुरंत पीडियाट्रिक ऑर्थोपेडिक (बच्चों के हड्डियों के डॉक्टर) से संपर्क करें। शुरुआती पहचान ही इस बीमारी का सबसे सरल इलाज है।













