Dhanbad MP Dulu Mahto फिर विवादों में, जमीन हड़पने के आरोपों पर सीबीआई जांच की चुनौती
Dhanbad MP Dulu Mahto पर जमीन हड़पने के गंभीर आरोप
धनबाद के सांसद ढुलू महतो एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। इस बार मामला जमीन विवाद से जुड़ा है। बाघमारा के दरिदा मोजा से लेकर भूली ओपी क्षेत्र के नावाडीह तक कुछ रैयतों ने सांसद पर जमीन हड़पने का आरोप लगाया है। वहीं सांसद ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे विरोधियों की साजिश बताया है और पूरे मामले की सीबीआई से जांच कराने की चुनौती दी है।
बाघमारा के दरिदा मोजा में रास्ते का विवाद
विवाद की पहली कड़ी बाघमारा क्षेत्र के दरिदा मोजा से जुड़ी है। यहां के रैयतों का आरोप है कि सांसद की ओर से बनवाई गई एक बड़ी बाउंड्री दीवार उनके पुश्तैनी रास्ते में बाधा बन रही है। ग्रामीणों का कहना है कि वे वर्ष 2017-18 से इस मामले को लेकर लगातार प्रशासन से गुहार लगा रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।पीड़िता मुन्नी देवी का आरोप है कि बिना उनकी सहमति के जमीन की घेराबंदी की जा रही है, जिससे उनके परिवार के आने-जाने का रास्ता प्रभावित हो रहा है। उनका कहना है कि यह जमीन उनके परिवार की पुश्तैनी संपत्ति है और इस पर किसी तरह का कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।
भूली ओपी क्षेत्र के नावाडीह में 96 डिसमिल जमीन का मामला
दूसरा विवाद भूली ओपी क्षेत्र के नावाडीह में सामने आया है। यहां 8 लेन सड़क के किनारे स्थित लगभग 96 डिसमिल जमीन को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। जमीन के दावेदार गणेश कुमार रवानी ने आरोप लगाया है कि सांसद इस जमीन को अपने कब्जे में लेने की कोशिश कर रहे हैं।
गणेश कुमार रवानी का दावा है कि उन्हें जमीन के बदले एक करोड़ रुपये देने का प्रस्ताव भी दिया गया था, लेकिन उन्होंने इसे ठुकरा दिया। उनका कहना है कि यह जमीन उनके परिवार की पुश्तैनी संपत्ति है और वे इसे किसी भी कीमत पर नहीं बेचेंगे। उन्होंने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
सांसद का पक्ष: आरोपों को बताया राजनीतिक साजिश
इन आरोपों पर सांसद ढुलू महतो ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ लगाए जा रहे सभी आरोप पूरी तरह निराधार और मनगढ़ंत हैं। सांसद का कहना है कि कुछ लोग उनकी बढ़ती लोकप्रियता से घबराकर उनकी छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं।उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि किसी को संदेह है तो पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। उन्होंने यह भी कहा कि जरूरत पड़ी तो इस मामले की सीबीआई जांच भी कराई जा सकती है, ताकि सच्चाई सामने आ सके।
फिलहाल इस विवाद को लेकर धनबाद में राजनीतिक और सामाजिक माहौल गरमा गया है। एक ओर पीड़ित परिवार जिला प्रशासन से न्याय की मांग कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सांसद इसे साजिश बता रहे हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन इस जमीन विवाद के मामले में क्या कदम उठाता है और किस तरह स्थिति को सुलझाता है।












