Dhanbad रेलवे का ‘यू-टर्न’, आमंत्रण देकर बदला फैसला?
Dhanbad: भारतीय रेलवे के धनबाद रेल मंडल में सोमवार को एक ऐसा घटनाक्रम देखने को मिला, जिसने प्रशासनिक गंभीरता और लोकतांत्रिक शिष्टाचार पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। धनबाद-लोकमान्य तिलक टर्मिनस एक्सप्रेस (13379/80) के नियमित परिचालन के शुभारंभ के अवसर पर पहले तो स्थानीय जनप्रतिनिधियों को पूरे सम्मान के साथ आमंत्रित किया गया, लेकिन कार्यक्रम से चंद घंटे पहले ही रेलवे ने ‘पांव पीछे’ खींच लिए।
Dhanbad: क्या है पूरा मामला?
6 अप्रैल 2026 को होने वाले इस उद्घाटन समारोह के लिए रेल मंडल की ओर से झरिया विधायक रागिनी सिंह और धनबाद के महापौर संजीव सिंह को विधिवत लिखित निमंत्रण भेजा गया था। इतना ही नहीं, कार्यक्रम स्थल (धनबाद स्टेशन) पर लगे आधिकारिक बैनरों और पोस्टरों में भी इन जनप्रतिनिधियों के नाम सम्मानपूर्वक दर्ज थे।
लेकिन, जैसे ही कार्यक्रम का समय नजदीक आया, प्रशासन की ओर से एक पत्र जारी कर निमंत्रण रद्द करने की सूचना दी गई। आनन-फानन में स्टेशन पर लगे बैनर-पोस्टर भी बदल दिए गए, जिससे मौके पर मौजूद लोगों और समर्थकों में भारी आक्रोश देखा गया।
रेलवे का तर्क: ‘लिपिकीय त्रुटि’ या कुछ और?
रेलवे ने इस पूरे विवाद पर सफाई देते हुए कहा कि निमंत्रण पत्र ‘रेलवे बोर्ड के निर्देशों’ के अनुरूप नहीं था। प्रशासन के मुताबिक, ऐसे समारोहों में केवल स्थानीय विधायक और सांसद की उपस्थिति का ही निर्देश है।












