Jharkhand: मोंथा चक्रवात से झारखंड के कई जिलों में धान की फसल को भारी नुकसान हुआ है। इसी कड़ी में राज्य की कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने शनिवार को देवघर जिले के सारवां प्रखंड के जियाखारा पंचायत अंतर्गत रामपुर गांव का दौरा कर फसल नुकसान का जायजा लिया।
मंत्री ने प्रभावित किसानों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और खेतों में जाकर फसल क्षति का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है और हर प्रभावित किसान को मुआवजा दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।
टास्क फोर्स गठित, चार दिनों में रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश
कृषि मंत्री ने मौके पर मौजूद विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि टास्क फोर्स का गठन कर अगले तीन से चार दिनों के भीतर फसल नुकसान की विस्तृत रिपोर्ट तैयार करें। रिपोर्ट के आधार पर प्रभावित किसानों को राहत राशि प्रदान की जाएगी।
बीमा धारक किसानों को फसल बीमा से मिलेगा लाभ
शिल्पी नेहा तिर्की ने बताया कि राज्य में करीब 13 लाख किसान बिरसा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत निबंधित हैं, जिनके फसल नुकसान का आकलन बीमा कंपनी द्वारा किया जा रहा है।
देवघर जिले में इस वर्ष लगभग ढाई लाख किसानों ने फसल बीमा में निबंधन कराया है। इन किसानों को बीमा योजना के माध्यम से मुआवजा राशि दी जाएगी।
गैर-बीमाकृत किसानों को आपदा प्रबंधन के तहत राहत
मंत्री ने स्पष्ट किया कि जिन किसानों का फसल बीमा नहीं हुआ है, उन्हें आपदा प्रबंधन विभाग के तहत प्रति एकड़ 3000 रुपये की राहत राशि दी जाएगी। इसके लिए किसान अंचल कार्यालय में आवेदन देकर या टोल फ्री नंबर 14447 पर कॉल कर फसल नुकसान की जानकारी दे सकते हैं।
सरकार किसानों के साथ, संवेदनशील और जवाबदेह
कृषि मंत्री ने कहा,
“ये एक प्राकृतिक आपदा है, जिस पर न किसानों का नियंत्रण है और न ही किसी सरकार का। राज्य की गठबंधन सरकार किसानों के प्रति संवेदनशील है और उन्हें हर संभव सहायता पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।”
इस अवसर पर कृषि विभाग के अधिकारी, अंचलाधिकारी और अन्य प्रशासनिक पदाधिकारी उपस्थित थे।












