हजारीबाग: NTPC की कोयला परियोजना को लेकर चल रहे विवाद ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है। माइंस के पास हंगामा और उत्पादन बाधित करने के आरोप में पूर्व मंत्री Yogendra Saw और उनकी पत्नी निर्मला देवी को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। दोनों को केरेडारी थाना लाया गया, जहां उन्हें 24 घंटे की पुलिस हिरासत में रखा गया है।
क्या है पूरा मामला?
बताया जा रहा है कि 18 जनवरी से ही पूर्व मंत्री NTPC की कोयला खदान के उत्पादन को प्रभावित कर रहे थे। 18 फरवरी को उन्होंने अपने समर्थकों के साथ माइंस को पूरी तरह बंद करा दिया। NTPC प्रबंधन की शिकायत के बाद जिला प्रशासन ने भारी पुलिस बल तैनात किया, जिसके बाद खदान से उत्पादन दोबारा शुरू हुआ।
हालांकि 19 फरवरी को एक बार फिर पूर्व मंत्री अपने समर्थकों के साथ पहुंचे और कोयला उत्पादन बंद करा दिया। इसके बाद मौके पर तैनात पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दोनों को हिरासत में ले लिया।
जमीन अधिग्रहण और फैक्ट्री विवाद
सूत्रों के अनुसार NTPC कोल परियोजना के लिए अधिग्रहित जमीन पर Yogendra Saw द्वारा एक फैक्ट्री स्थापित की गई थी। NTPC ने इसे खाली कराने के लिए ट्रिब्यूनल में 1.97 करोड़ रुपये जमा किए थे। जिला प्रशासन के सहयोग से फैक्ट्री की चिमनी को गिरा दिया गया, लेकिन परिसर में बना आवासीय मकान नहीं हटाया जा सका।
इसी घटना के बाद से उत्पादन और कोयले की ढुलाई प्रभावित की जा रही थी। ढुलाई रोकने के लिए सड़क पर दीवार तक खड़ी कर दी गई थी, जिसे प्रशासनिक हस्तक्षेप के बाद हटाया गया।
प्रशासन की सख्ती
जिला प्रशासन ने साफ किया है कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। NTPC माइंस से कोयला उत्पादन और ढुलाई सामान्य बनाए रखने के लिए सुरक्षा बलों की तैनाती जारी है।











