Ranchi: झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र गुरुवार को भावुक और ऐतिहासिक पलों के साथ संपन्न हुआ। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सदन में अपने अभिभाषण के दौरान विपक्ष पर करारा हमला बोला और दिवंगत दिशोम गुरु शिबू सोरेन के योगदान को याद किया। इस दौरान सदन ने सर्वसम्मति से शिबू सोरेन को भारत रत्न देने का प्रस्ताव भी पारित किया।
सीएम हेमंत सोरेन का भावुक अभिभाषण
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह मानसून सत्र झारखंड की राजनीति और जनता के लिए ऐतिहासिक साबित होगा। 4 अगस्त को दिशोम गुरु शिबू सोरेन के निधन के कारण यह सत्र और भी यादगार बन गया। उन्होंने कहा—
“गुरुजी ने झारखंड के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित कर दिया। उनका योगदान सिर्फ राज्य तक सीमित नहीं था, बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणादायी रहा है। आने वाले समय में हम उनके दिखाए रास्ते पर ही आगे बढ़ेंगे।”
माननीय झारखण्ड विधानसभा के तृतीय मानसून पूरक सत्र में सदन को संबोधन. https://t.co/crqO0OTSfx
— Hemant Soren (@HemantSorenJMM) August 28, 2025
विपक्ष पर सीधा हमला
सोरेन ने अपने संबोधन में विपक्ष को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि वे मुद्दा विहीन होकर केवल शोर मचाने और अवरोध खड़ा करने की राजनीति कर रहे हैं।
उन्होंने कहा—
“हमारी सरकार जनता की सरकार है और जनता के लिए काम कर रही है। विपक्ष जिन राज्यों में सत्ता में है, वहां की हालत किसी से छिपी नहीं है। ये लोग देश को विश्वगुरु बनाने का दावा करते हैं, लेकिन सच्चाई यह है कि देश की स्थिति बिगड़ रही है, जबकि इनके नेता जरूर विश्वगुरु बनने की राह पर हैं।”
झारखंड की समस्याओं पर चिंता
सीएम ने सदन में झारखंड की खनिज-संपदा और प्रदूषण की समस्या को गंभीरता से उठाया। उन्होंने कहा कि राज्य के संसाधनों से अरबपति तो बनते हैं, लेकिन झारखंड की जनता बदहाल है।
“धनबाद, रामगढ़ और यूरेनियम क्षेत्र में प्रदूषण और बीमारियों ने लोगों का जीवन कठिन बना दिया है। हर तीसरा महिला-पुरुष गंभीर बीमारी से जूझ रहा है और कई बच्चों की मौत जन्म से पहले ही हो रही है।”
केंद्र सरकार पर आरोप
मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार पर लोकतंत्र को कमजोर करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल झूठे आरोपों में नेताओं को जेल भेज रहे हैं और ऐसे कानून ला रहे हैं जिनसे मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री तक को जेल भेजा जा सकता है। उन्होंने कहा कि यह लोकतंत्र को बंधक बनाने की साजिश है।
बिहार चुनाव और राष्ट्रीय राजनीति पर टिप्पणी
हेमंत सोरेन ने बिहार चुनावों का जिक्र करते हुए कहा कि गुजरात की तर्ज पर वहां भी फर्जी पार्टियां बनाई जा रही हैं। उन्होंने दावा किया कि केंद्र की विकास योजनाएं धराशायी हो रही हैं और जनता अब जुमलेबाज़ी से थक चुकी है।
विपक्ष का बहिष्कार
ध्यान देने वाली बात यह रही कि मुख्यमंत्री का पूरा अभिभाषण विपक्ष की अनुपस्थिति में हुआ। सदन में विपक्ष का एक भी सदस्य मौजूद नहीं था।
नतीजा
मानसून सत्र के समापन पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड संघर्ष करते हुए अब अपने पैरों पर खड़ा हो रहा है और देश में इसे एक विकास मॉडल के तौर पर देखा जा रहा है। उन्होंने विपक्ष को चेतावनी भरे लहजे में कहा कि झारखंड के मुद्दों पर सहयोग करें, न कि झूठ और षड्यंत्र की राजनीति।












