Ranchi News: रांची स्थित हैवी इंजीनियरिंग कॉरपोरेशन (HEC) के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है. सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) ने HEC पर से दो साल पुराना प्रतिबंध हटा लिया है. इसके साथ ही HEC को एनसीएल से करीब ₹100 करोड़ रुपये का वर्क ऑर्डर मिलने की उम्मीद बढ़ गई है.
HEC प्रबंधन के मुताबिक, जुलाई महीने में स्टील और बीएसपी सेक्टर के लिए ₹10 करोड़ से अधिक के उत्पादों का डिस्पैच किया जाएगा. इससे HEC की आर्थिक स्थिति को बल मिलेगा.
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क्यों लगा था प्रतिबंध?
वर्ष 2023 में HEC की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वह समय पर एनसीएल को क्रशर जैसी ज़रूरी मशीनें नहीं पहुंचा सका. इसके चलते एनसीएल ने HEC को अपने टेंडरों से प्रतिबंधित कर दिया था. अब ताजा बैठक में HEC अधिकारियों ने एनसीएल को उत्पादन और डिलीवरी समय पर करने का भरोसा दिलाया, जिसके बाद यह प्रतिबंध हटा लिया गया है.
वर्क ऑर्डर और उत्पादन की स्थिति
HEC को हाल ही में भेल हैदराबाद से करीब ₹20 करोड़ रुपये के स्पेयर पार्ट्स का वर्क ऑर्डर मिला है. इसके अलावा भेल और अन्य कंपनियों से भी ऑर्डर मिलने लगे हैं. फिलहाल HEC के तीनों प्रमुख प्लांट — एफएफपी, एचएमबीपी और एचएमटीपी — में उत्पादन सुचारू रूप से चल रहा है.
हटिया प्रोजेक्ट वर्कर्स यूनियन के महामंत्री लीलाधर सिंह ने बताया कि अभी HEC के पास ₹600 करोड़ से अधिक के वर्क ऑर्डर मौजूद हैं, जिनमें कोल माइंस और डिफेंस सेक्टर शामिल हैं.
गुणवत्ता बनी भरोसे की वजह
HEC द्वारा निर्मित उपकरणों की गुणवत्ता को लेकर हमेशा से उद्योग जगत में सकारात्मक धारणा रही है. यही कारण है कि केंद्र सरकार, सार्वजनिक कंपनियों और रक्षा क्षेत्र की एजेंसियों ने HEC के पुनरुद्धार पर विशेष ध्यान देना शुरू किया है.
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पिछले दो महीनों में संसद की तीन समितियों की बैठकें हुई हैं, जिनमें HEC को बंद नहीं करने का आश्वासन दिया गया है और कंपनियों से इसमें वर्क ऑर्डर देने की अपील की गई है.












