झारखंड विधानसभा परिसर में रविवार को एक प्रेरणादायक पहल देखने को मिली, जब मुख्यमंत्री Hemant Soren ने स्वयं रक्तदान कर स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का शुभारंभ किया। विधानसभा परिसर स्थित औषधालय में आयोजित इस शिविर में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और कर्मचारियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
मुख्यमंत्री ने रक्तदान को मानवता की सेवा का सबसे बड़ा माध्यम बताते हुए कहा कि एक यूनिट रक्त किसी जरूरतमंद को नया जीवन दे सकता है। उन्होंने विधानसभा के सभी सदस्यों, अधिकारियों और कर्मचारियों से इस पुनीत कार्य में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि समाज के हर वर्ग को रक्तदान के महत्व को समझना चाहिए और इसे नियमित आदत के रूप में अपनाना चाहिए। इससे न सिर्फ आपातकालीन स्थितियों में मरीजों की मदद होती है, बल्कि समाज में सेवा और सहयोग की भावना भी मजबूत होती है।
इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष Rabindra Nath Mahato सहित कई मंत्री, विधायक और विधानसभा के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। सभी ने उत्साहपूर्वक रक्तदान कर इस पहल को सफल बनाया।
स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का उद्देश्य राज्य में रक्त की उपलब्धता बढ़ाना और लोगों को इस सामाजिक कार्य के प्रति जागरूक करना है। विधानसभा परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि जनप्रतिनिधि खुद आगे आकर समाज में सकारात्मक बदलाव की पहल कर सकते हैं।












