JharkhandNews: झारखंड के आदिवासी समाज और राजनीति में ऐतिहासिक योगदान देने वाले वरिष्ठ नेता दिशोम गुरु शिबू सोरेन के सम्मान में बोकारो हवाई अड्डे का नामकरण उनके नाम पर किए जाने की मांग जोर पकड़ने लगी है। इस दिशा में बोकारो सरना विकास समिति ने बुधवार को सेक्टर-12 में एक अहम बैठक कर औपचारिक रूप से इस मांग को उठाया।
बैठक की अध्यक्षता महेश मुंडा ने की, जिसमें समिति के सभी सदस्यों ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव का समर्थन किया। वक्ताओं ने कहा कि शिबू सोरेन ने आदिवासी समुदाय के अधिकारों, पहचान और सम्मान की रक्षा के लिए लंबा संघर्ष किया है। बोकारो और आसपास के क्षेत्रों से ही उनकी राजनीतिक यात्रा की शुरुआत हुई थी, इसलिए यह उचित होगा कि हवाई अड्डे का नामकरण उनके नाम पर हो।
महेश मुंडा ने कहा,
“जैसे पटना एयरपोर्ट का नाम लोकनायक जयप्रकाश नारायण, कोयलांचल विश्वविद्यालय का नाम बिनोद बिहारी महतो, और झारखंड के दिवंगत मंत्री जगन्नाथ महतो के नाम पर मेडिकल कॉलेज का नाम रखा गया है, वैसे ही बोकारो एयरपोर्ट को दिशोम गुरु शिबू सोरेन के नाम पर किया जाना चाहिए।”
जल्द सौंपा जाएगा मुख्यमंत्री को ज्ञापन
महेश मुंडा ने यह भी बताया कि सरना विकास समिति का प्रतिनिधिमंडल जल्द ही मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपेगा, और केंद्र सरकार से भी इस मांग पर गंभीर विचार करने का आग्रह किया जाएगा।
सरना समाज ने किया प्रस्ताव का समर्थन
बैठक में चंदू सिंह मुंडा, अजय सवांइयां, संजू सामंता, मणिलाल मुंडा, गणेश बिरूआ, रोहित कच्चप, आकाश सोय और लक्ष्मण मरांडी सहित कई प्रमुख प्रतिनिधियों ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया।
आदिवासी अस्मिता से जुड़ी मांग
समिति का कहना है कि यह सिर्फ नामकरण नहीं, बल्कि आदिवासी अस्मिता और ऐतिहासिक न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे न सिर्फ शिबू सोरेन के योगदान को सम्मान मिलेगा, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरणा मिलेगी।










