धनबाद: Dhanbad के बाघमारा प्रखंड स्थित सोनारडीह टंडाबारी बस्ती में मंगलवार शाम हुए भू-धंसान हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया। अवैध कोयला खनन के कारण अचानक जमीन धंसने से मिट्टी के तीन घर जमींदोज हो गए, जिसमें तीन लोग मलबे में दब गए और उनकी मौत हो गई।
देर रात रेस्क्यू, 3 बजे निकाले गए शव
राहत और बचाव अभियान रातभर चलता रहा। रेस्क्यू टीम ने करीब रात 3 बजे मलबे में दबे तीनों लोगों के शव बाहर निकाले। मृतकों की पहचान सरिता देवी (45), मोनू उरांव (50) और गीता कुमारी (16) के रूप में हुई है। तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए SNMMCH धनबाद भेज दिया गया है।
कई घरों में दरार, दहशत का माहौल
इस भू-धंसान के कारण आसपास के आधा दर्जन घरों में दरारें पड़ गई हैं, जिससे लोगों में भय का माहौल है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि इलाके में लंबे समय से अवैध खनन जारी था, लेकिन प्रशासन ने समय रहते कार्रवाई नहीं की।
ग्रामीणों का उग्र विरोध, NH-32 जाम
घटना के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने सोनारडीह ओपी का घेराव किया और NH-32 को जाम कर दिया। लोगों ने प्रशासन और खनन कंपनियों पर लापरवाही का आरोप लगाया।
विधायक ने उठाए सवाल
घटनास्थल पर पहुंचे विधायक शत्रुघ्न महतो ने राज्य सरकार और जिला प्रशासन को जिम्मेदार ठहराते हुए पीड़ित परिवारों को मुआवजा और कड़ी कार्रवाई की मांग की।
BCCL क्षेत्र में हुआ हादसा
यह इलाका Coal India की सहायक कंपनी BCCL के गोविंदपुर एरिया (एरिया-3) के अंतर्गत आता है। अधिकारियों के आश्वासन के करीब चार घंटे बाद बीसीसीएल की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और अभियान शुरू किया गया।
अवैध खनन पर फिर उठे सवाल
इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर अवैध कोयला खनन और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोग अब दोषियों पर कार्रवाई और ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग कर रहे हैं।












