Indigo Flight Cancel: भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन, इंडिगो, एक बड़े ऑपरेशनल संकट का सामना कर रही है, शनिवार को लगातार पांचवें दिन भी फ्लाइट्स कैंसिल और लेट हो रही हैं। News Aggency के अनुसार, आज 400 से ज़्यादा फ्लाइट्स कैंसिल हुईं, और पिछले चार दिनों में कैंसिल हुई फ्लाइट्स की कुल संख्या 2,000 से ज़्यादा हो गई है। दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, रांची और चेन्नई एयरपोर्ट पर यात्री रात भर फंसे रहे, और स्थिति साफ होने का इंतज़ार करते रहे।
Indigo का कहना है कि ऑपरेशन 15 दिसंबर तक सामान्य हो सकते हैं, लेकिन इस स्थिति से बड़े पैमाने पर निराशा और कानूनी कार्रवाई शुरू हो गई है।
नए DGCA FDTL नियमों के कारण स्टाफ की कमी
बड़े पैमाने पर फ्लाइट्स कैंसिल होने का मुख्य कारण डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) द्वारा लागू किए गए नए फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) नियम हैं।
ये नियम पायलटों और केबिन क्रू के लिए बेहतर आराम, कम थकान और सुरक्षित ऑपरेशन सुनिश्चित करने के लिए पेश किए गए थे। ये बदलाव दो चरणों में लागू किए गए:
पहला चरण: 1 जुलाई से
* शिफ्ट और आराम के समय में शुरुआती बदलाव।
दूसरा चरण: 1 नवंबर से
* बड़े बदलाव जिनसे क्रू मेंबर्स के काम करने के घंटों में कमी आई।
* इन पर सख्त सीमाएं:
* नाइट-ऑन-ड्यूटी घंटे
* लगातार नाइट शिफ्ट
FDP – फ्लाइट ड्यूटी पीरियड
* साप्ताहिक आराम की ज़रूरतें
* लंबी उड़ानों के बाद लंबा आराम
इन नियमों का मतलब है कि एयरलाइंस को उतनी ही संख्या में फ्लाइट्स चलाने के लिए ज़्यादा पायलट और क्रू की ज़रूरत है।
सिर्फ इंडिगो ही क्यों प्रभावित है? मंत्री का कड़ा बयान
नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने कहा है कि नए नियम 1 नवंबर से लागू हैं, फिर भी किसी अन्य एयरलाइन को इतनी गंभीर दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा, यह साफ तौर पर दिखाता है:
- Indigo के अंदर ऑपरेशनल कमियां
- नए ड्यूटी-रेस्ट सिस्टम के लिए खराब प्लानिंग
- बस खराब स्टाफिंग और रोस्टरिंग रणनीति
मंत्री ने आगे कहा कि सरकार:
* एयरलाइन द्वारा स्थिति को संभालने के तरीके की जांच करेगी
अगर लापरवाही साबित होती है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
दिल्ली HC से Indigo को अंतरिम राहत मिली
DGCA ने संकट को कम करने के लिए 10 फरवरी 2026 तक अस्थायी छूट दी है। इसमें शामिल हैं:
* साप्ताहिक आराम के नियमों में कुछ लचीलापन लाना
* ड्यूटी-आराम की ज़रूरतों को पूरा करना
हालांकि ये कदम फायदेमंद हैं, लेकिन ये रातों-रात रोस्टर के गंभीर असंतुलन को ठीक नहीं करेंगे, और इंडिगो ने मान लिया है कि सामान्य होने में समय लगेगा।
विभिन्न प्रमुख हवाई अड्डों पर फंसे यात्री
चार दिनों से, यात्री:
* एयरपोर्ट के फर्श पर सो रहे हैं
* कनेक्शन और इंटरनेशनल फ्लाइट्स छूट रही हैं
* होटल और रीबुकिंग पर ज़्यादा खर्च हो रहा है
* कम्युनिकेशन की कमी पर गुस्सा निकाल रहे हैं
एयरलाइन के कॉल सेंटर और हेल्प डेस्क हमेशा ओवरलोडेड रहते हैं, जिससे स्थिति और खराब हो रही है।
इंडिगो के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में PIL दायर
भारत के सुप्रीम कोर्ट में एक PIL दायर की गई है जिसमें मांग की गई है:
* तत्काल न्यायिक हस्तक्षेप
* यात्रियों के अधिकारों की सुरक्षा
* बड़े पैमाने पर देरी और कैंसलेशन के लिए मुआवजा
* याचिका में जिसे मानवीय संकट बताया गया है, उसके लिए जवाबदेही
PIL में कहा गया है कि इंडिगो द्वारा पैदा किए गए अराजकता से जनता को बहुत ज़्यादा परेशानी और वित्तीय नुकसान हुआ है।
इंडिगो फ्लाइट कैंसलेशन: हर कोई, काफी हद तक सही, यह सवाल पूछ रहा है कि क्यों? मुख्य कारण सख्त DGCA आराम नियमों का अचानक लागू होना पायलटों और क्रू की अपर्याप्त संख्या। इंडिगो द्वारा खराब प्लानिंग और शेड्यूलिंग। ओवरटाइम पर भारी निर्भरता, जो अब सीमित है देरी का स्नोबॉल प्रभाव जिसके परिणामस्वरूप और कैंसलेशन होते हैं
इंडिगो को नए FDTL मानदंडों और स्टाफिंग पर इसके प्रभाव के बारे में तैयारी की कमी के कारण हाल के वर्षों में अपने संचालन में सबसे बड़ी रुकावट का सामना करना पड़ रहा है। अब तक 2,000 से ज़्यादा कैंसलेशन और सैकड़ों देरी के साथ, पूरे भारत में यात्रियों को असुविधा हो रही है, जबकि सरकारी अधिकारी और सुप्रीम कोर्ट अब इस संकट में शामिल हैं।

विशेष संवाददाता | Khabar Mantra
विकाश कुमार झारखंड के रांची के रहने वाले और यहीं जन्मे पत्रकार एवं डिजिटल मीडिया प्रोफेशनल हैं। झारखंड में लंबे समय से रहने और काम करने के कारण उन्हें राज्य के गांवों, शहरों, स्थानीय समाज, प्रशासन और जमीनी मुद्दों की गहरी समझ है।
5+ वर्षों के पत्रकारिता अनुभव के साथ उन्होंने Gandiva, Lagatar.in, News11 Digital और Prabhat Khabar Digital जैसे मीडिया संस्थानों में काम किया है। वर्तमान में Khabar Mantra Digital में Digital Media Manager-cum-Executive एवं विशेष संवाददाता के रूप में कार्यरत हैं।
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