RanchiNews: झारखंड गो सेवा आयोग की ओर से आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला सह संगोष्ठी का समापन शुक्रवार को रांची स्थित पशुपालन भवन, हेसाग में हुआ। “पारिस्थितिक संतुलन एवं आधुनिकता के परिप्रेक्ष्य में गो सेवा के क्षेत्र में उभरती चुनौतियां एवं संभावनाएं” विषय पर आधारित इस कार्यक्रम में नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने भाग लिया और गोपालन को रोजगार से जोड़ने की जरूरत पर बल दिया।
गौ पालन से आत्मनिर्भरता की दिशा में झारखंड
मंत्री सुदिव्य सोनू ने कहा कि जिस प्रकार गुजरात में अमूल ब्रांड ने सफेद क्रांति के जरिए किसानों को सशक्त किया, उसी तर्ज पर झारखंड में भी एक सशक्त ब्रांड स्थापित करने की जरूरत है। उन्होंने जोर देकर कहा कि गोपालन को शहरी क्षेत्रों में लागू करना कठिन जरूर है, लेकिन इससे रोजगार, पोषण और स्वावलंबन के नए रास्ते खुल सकते हैं।
गौ आधारित कृषि और पंचगव्य चिकित्सा पर विशेषज्ञों का मंथन
कार्यशाला के दौरान पंचगव्य चिकित्सा, नस्ल संरक्षण, ऑर्गेनिक फार्मिंग और गोवंशीय पशुओं की कानूनी सुरक्षा जैसे विषयों पर गहन चर्चा हुई। बिरसा कृषि विश्वविद्यालय के डॉ सिद्धार्थ जायसवाल ने गौ आधारित अमृत कृषि को बढ़ावा देने की बात कही, जबकि पंचगव्य चिकित्सा संस्थान, जमशेदपुर के डॉ मदन सिंह कुशवाहा ने पंचगव्य थेरेपी की उपयोगिता पर प्रकाश डाला।
सुबोधकांत सहाय ने पूर्व सरकार के प्रयासों की याद दिलाई
पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय ने कहा कि मनमोहन सिंह सरकार के दौरान डेयरी विकास और चारा संकट से निपटने के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं चलाई गईं। झारखंड में कम डेयरी उत्पादन के पीछे पर्याप्त दूध न होना एक चुनौती जरूर है, लेकिन यहां चारा उत्पादन की बेहतर संभावनाएं मौजूद हैं।
महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर ज़ोर
कार्यक्रम में गो सेवा आयोग के उपाध्यक्ष राजू गिरी ने महिलाओं को पशुपालन के ज़रिए आत्मनिर्भर बनाने की वकालत की। अध्यक्ष राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि कार्यशाला के निष्कर्ष राज्य में नीति निर्माण और गोशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
राष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञों की भागीदारी
इस कार्यशाला में देश के विभिन्न राज्यों से विशेषज्ञ, वैज्ञानिक, गोशाला संचालक, किसान और चिकित्सक शामिल हुए। ICAR पटना के डॉ पीसी चंद्रन ने झारखंड में पशु नस्लों के पंजीकरण की कमी पर चिंता जताई। साथ ही, रामकृष्ण मिशन के प्रतिनिधि डॉ सुदर्शन विश्वास ने रामायण-महाभारत काल में गो सेवा की परंपरा का उल्लेख किया।
समापन अवसर पर प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र
कार्यशाला के समापन अवसर पर सभी प्रतिभागियों को सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया गया। मौके पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश, पूर्व सांसद वल्लभभाई कथीरिया, आयोग सचिव डॉ संजय प्रसाद, डॉ मुकेश मिश्रा, डॉ प्रभात पांडेय, डॉ जय तिवारी समेत कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।












