Career News: झारखंड में Intermediate की पढ़ाई को सुलभ बनाने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। बता दें, राज्य के 10वीं तक संचालित 1711 हाई स्कूलों को प्लस टू स्कूल में अपग्रेड करने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। जिसमें करीब 2 हजार करोड़ रुपए खर्च किया जा सकता है।
1711 हाई स्कूलों का किया जाएगा अपग्रेडेशन
फिलहाल झारखंड राज्य में 1158 +2 स्कूल हैं। यदि 1711 हाई स्कूलों का अपग्रेडेशन किया जाता है, तो राज्य में +2 स्कूलों की कुल संख्या बढ़कर 2869 हो जाएगी। इससे छात्र अपने ही गृहक्षेत्र में 12वीं तक की पढ़ाई कर पाएंगे।
Lab, Library साथ ही कई और कक्षाओं का होगा निर्माण
अपग्रेड किए जाने वाले स्कूलों में Science Laboratories, Library, Toilets, बेंच-डेस्क जैसी बुनियादी सुविधाएं तैयार की जाएंगी। इसके साथ ही आवश्यकतानुसार नए शिक्षकों की नियुक्ति भी कराई जाएगी।
राज्य सरकार की ओर से केंद्र सरकार को भेजा जाएगा प्रस्ताव
बता दें, स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग यह प्रस्ताव तैयार कर रहा है। शैक्षणिक सत्र 2026-27 में इस प्रस्ताव को राज्य सरकार की ओर से केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। अपग्रेडेड +2 स्कूलों में Science, Arts और Commerce-तीनों संकायों की पढ़ाई होगी। मालूम हो, पूर्व शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन पहले ही हर जिले के 15 हाई स्कूलों को प्लस टू में अपग्रेड करने का प्रस्ताव केंद्र को भेज रखा हैं।
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NEP के तहत जरूरी हुआ अपग्रेडेशन
नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के तहत कक्षा 9 से 12 तक की पढ़ाई को एक साथ रखने का प्रावधान है। चूंकि डिग्री कॉलेजों में इंटर की पढ़ाई पूरी तरह बंद कर दी गई है, इसलिए 10वीं पास छात्रों को अपने ही स्कूल में 12वीं तक पढ़ाई का मौका देने के लिए हाई स्कूलों का अपग्रेडेशन जरूरी हो गया है।
अपग्रेडेशन का मुख्य उद्देश्य है दसवीं के बाद स्कूल छोड़ने वाले छात्रों को 11वी और 12वी के पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित करना। ग्रामीण इलाकों में शिक्षा की पहुंच बढ़ाना। छात्रों को अपने क्षेत्र में ही उच्च शिक्षा का अवसर प्रदान कराना ।
माध्यमिक आचार्य की योग्यता
Intermediate स्कूलों में अक्सर 20 से 22 शिक्षक होते हैं। पहले से कार्यरत शिक्षकों के अलावा नए शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। जिसके लिए यह योग्यता होना अनिवार्य है-
- संबंधित विषय में MA/MSC (45–50% अंकों के साथ)
- B.ED डिग्री
- झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (JTET) उत्तीर्ण
Intermediate में एडमिशन की परेशानी से मिलेगी मुक्ति
डिग्री कॉलेजों में इंटर की पढ़ाई बंद होने के कारण इस साल छात्रों को एडमिशन और रजिस्ट्रेशन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता। राज्य के 40 वित्त रहित स्कूलों को तय सीटों से अधिक एडमिशन लेना पड़ा। बाद में दबाव के बाद सीट बढ़ाने की अनुमति दी गई। हाई स्कूलों के +2 में अपग्रेड होने से आने वाले समय में यह समस्या खत्म हो जाएगी।
पांच साल में सभी स्कूलों को तैयार करने का लक्ष्य
यदि केंद्र सरकार से इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल जाती है, तो सभी 1711 स्कूलों को 5 साल के भीतर अपग्रेड करने का लक्ष्य रखा गया है। लेकिन, समय पर फंड नहीं मिलने पर यह समय और बढ़ सकता है।












