बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत और हल्का झटका दोनों लेकर आया नया टैरिफ आदेश। विद्युत नियामक आयोग ने लंबे समय से चल रही टैरिफ निर्धारण प्रक्रिया को अंतिम रूप देते हुए नई बिजली दरों का ऐलान कर दिया है।
आयोग ने सभी स्टेकहोल्डर्स—डिस्कॉम, उपभोक्ता और उद्योगों—की आपत्तियों और सुझावों पर विचार करने के बाद संतुलित निर्णय लिया है।
59% की मांग पर सिर्फ 6.12% बढ़ोतरी
बिजली वितरण कंपनी JBVNL ने जहां करीब 59% टैरिफ बढ़ाने का प्रस्ताव दिया था, वहीं आयोग ने उपभोक्ताओं को राहत देते हुए इसे काफी कम कर दिया।
अंतिम फैसला: सिर्फ 6.12% टैरिफ बढ़ोतरी मंजूर
किन उपभोक्ताओं पर कितना असर?
नई दरों के मुताबिक:
- ग्रामीण घरेलू उपभोक्ता:70 रुपये से बढ़कर 7.20 रुपये प्रति यूनिट
- शहरी घरेलू उपभोक्ता:85 रुपये से बढ़कर 7.40 रुपये प्रति यूनिट
यानी आम उपभोक्ताओं को हल्की बढ़ोतरी का सामना करना पड़ेगा, लेकिन बड़ी वृद्धि से बचाव हुआ है।
किसानों को बड़ी राहत
सबसे अहम फैसला कृषि क्षेत्र को लेकर आया है।
कृषि उपभोक्ताओं के लिए बिजली दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं
इससे किसानों को सीधे तौर पर राहत मिलेगी।
ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा
पर्यावरण और भविष्य को ध्यान में रखते हुए आयोग ने कुछ अहम फैसले लिए हैं:
- इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की चार्जिंग दर घटाई गई
- सोलर आवर में बिजली दर: 7 रुपये प्रति यूनिट तय
यह कदम साफ ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
समय पर बिल भरने वालों को फायदा
उपभोक्ताओं को समय पर भुगतान के लिए प्रोत्साहित किया गया है:
5 दिनों के भीतर बिल भुगतान करने पर 2% की छूट
मीटर रेंट लागू नहीं किया गया
क्या बोले अधिकारी?
“सभी पक्षों की बात सुनकर संतुलित टैरिफ तय किया गया है, ताकि उपभोक्ताओं पर ज्यादा बोझ न पड़े और बिजली व्यवस्था भी मजबूत बनी रहे।”
— के. श्रीनिवासन, अध्यक्ष, बिजली विभाग
कुल मिलाकर, यह फैसला उपभोक्ताओं के लिए मिश्रित प्रभाव वाला है—जहां एक ओर मामूली बढ़ोतरी हुई है, वहीं बड़ी दर वृद्धि से राहत मिली है। खासकर किसानों और ग्रीन एनर्जी सेक्टर के लिए यह निर्णय फायदेमंद साबित हो सकता है।











