रांची: झारखंड विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान Jairam Mahto (JLKM विधायक) ने सरकार के समक्ष कई अहम मुद्दे उठाए। उन्होंने कहा कि राज्य में छात्र-छात्राओं को समय पर छात्रवृत्ति योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है, जिससे वे निराश हैं। उन्होंने मांग की कि लंबित छात्रवृत्ति राशि का जल्द भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
छात्रवृत्ति नहीं मिलने से छात्र लौट रहे घर
Jairam Mahto ने कहा कि हजारीबाग, बोकारो और धनबाद जैसे शिक्षा केंद्रों में पढ़ाई कर रहे कई छात्र आर्थिक तंगी के कारण वापस अपने घर लौट रहे हैं। उन्होंने सरकार से अपील की कि छात्रवृत्ति योजना को प्राथमिकता के आधार पर लागू किया जाए, ताकि छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो।
आंदोलनकारियों के लिए मुआवजा और मुफ्त इलाज की मांग
विधायक ने झारखंड आंदोलन से जुड़े लोगों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि कई आंदोलनकारी अब इस दुनिया में नहीं रहे और उनके परिवारों को उचित सहायता नहीं मिल पाई है। साथ ही कई आंदोलनकारियों के बच्चे गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं। उन्होंने मांग की कि आंदोलन के दौरान शहीद या प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा और मुफ्त चिकित्सा सुविधा दी जाए।
निवेश के लिए विदेश यात्रा पर सवाल
सरकार की “दबोश यात्रा” (निवेश आकर्षित करने के प्रयास) पर सवाल उठाते हुए जयराम महतो ने कहा कि राज्य में 1 करोड़ 27 लाख रुपये के निवेश की बात कही जा रही है, जबकि टाटा और जिंदल जैसी बड़ी कंपनियां पहले से झारखंड में कार्यरत हैं। ऐसे में निवेश के लिए विदेश जाने की आवश्यकता पर उन्होंने सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि झारखंड सरकार को तमिलनाडु मॉडल से सीख लेने की जरूरत है।
JPSC परीक्षा तिथि पर उठी मांग
झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) का मामला उठाते हुए उन्होंने कहा कि वर्ष 2026 में प्रस्तावित परीक्षा को 1 अगस्त 2018 से प्रभावी मानते हुए प्रक्रिया स्पष्ट की जाए। उन्होंने अभ्यर्थियों के हित में पारदर्शिता और समयबद्ध कार्रवाई की मांग की।
पोषण सखी और जल सहिया का मुद्दा
विधानसभा के बाहर धरने पर बैठी पोषण सखी और जल सहिया कार्यकर्ताओं का जिक्र करते हुए विधायक ने कहा कि सरकार को एक प्रतिनिधिमंडल भेजकर उनकी मांगों को सुनना चाहिए और समाधान निकालना चाहिए।
बजट सत्र में विस्तृत चर्चा की मांग
जयराम महतो ने कहा कि राज्यपाल के अभिभाषण में कई महत्वपूर्ण मुद्दों का उल्लेख नहीं किया गया है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि आगामी बजट सत्र में इन विषयों पर विस्तार से चर्चा की जाए।













