Jharkhand Bandh: खूंटी में आदिवासी नेता और पड़हा राजा सोमा मुंडा की हत्या के बाद आदिवासी समाज का गुस्सा चरम पर है। न्याय की मांग को लेकर विभिन्न आदिवासी संगठनों ने 17 जनवरी को पूरे झारखंड बंद का ऐलान किया है। इस बंद को सोमा मुंडा को न्याय दिलाने की निर्णायक लड़ाई बताया जा रहा है।
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Jharkhand Bandh: 7 जनवरी को गोली मारकर हुई थी हत्या
बताते चलें कि 7 जनवरी को जमुआहा के पास सोमा मुंडा की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना ने ना सिर्फ खूंटी बल्कि पूरे आदिवासी समाज को झकझोर कर रख दिया था। सोमा मुंडा की पहचान एक मुखर आदिवासी नेता, सामाजिक कार्यकर्ता और परंपरागत व्यवस्था के संरक्षक के रूप में थी। उनकी हत्या को आदिवासी अस्मिता पर हमला बताते हुए संगठनों ने इसे सुनियोजित साजिश करार दिया है।
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हत्या के बाद से गांव-गांव में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। जियारप्पा में हुई श्रद्धांजलि सभा में हजारों लोग उमड़े थे, जहां से आंदोलन को और तेज करने का ऐलान किया गया। संगठनों ने प्रशासन को चेतावनी दी थी कि यदि तय समय में मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो राज्यव्यापी आंदोलन होगा।
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Jharkhand Bandh: पुलिस जांच पर सवालिया निशान
हाल ही में निकाले गए मशाल जुलूस के दौरान आदिवासी नेताओं ने पुलिस जांच पर सवाल उठाए। संगठनों का आरोप है कि प्रभावशाली लोगों को बचाने की कोशिश की जा रही है और जांच में ढिलाई बरती जा रही है। इसी असंतोष के चलते 17 जनवरी को झारखंड बंद का निर्णय लिया गया है।
संगठनों ने बंद को शांतिपूर्ण रखने की अपील की है, लेकिन यह भी साफ किया है कि यदि न्याय में और देरी हुई तो आंदोलन उग्र रूप ले सकता है। फिलहाल खूंटी और आसपास के जिलों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
बताते चलें कि मामले में पुलिस ने अब तक सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। लेकिन शूटर और मुख्य साजिशकर्ता अब भी पुलिस की गिरफ्त से दूर है। इनकी गिरफ्तारी न होने से लोगों का आक्रोश बढ़ता ही जा रहा है।











