रांची: झारखंड विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने 1 लाख 58 हजार 507 करोड़ रुपये का Budget पेश किया। मंत्री ने इसे “गरीबों का आंसू पोंछने वाला बजट” बताते हुए कहा कि राज्य के समग्र विकास, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, शिक्षा, स्वास्थ्य और आधारभूत संरचना को मजबूती देने पर विशेष जोर दिया गया है।
यह Budget राज्य के रजत जयंती वर्ष (स्थापना के 25 वर्ष) के अवसर पर प्रस्तुत किया गया है, इसलिए इसे विशेष महत्व का बजट माना जा रहा है। सरकार ने इसे “अबुआ दिशोम बजट” नाम देते हुए स्थानीय संसाधनों, युवाओं, किसानों और महिलाओं के सशक्तिकरण को प्राथमिकता देने की बात कही है।
पिछले वित्तीय वर्ष 2025-26 में राज्य सरकार ने लगभग 1.45 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया था। इस बार का बजट उससे करीब 10 प्रतिशत अधिक है, जिससे साफ संकेत मिलता है कि सरकार विकास योजनाओं के विस्तार और नई कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की दिशा में आगे बढ़ रही है।
वित्त मंत्री ने सदन में कहा कि बजट का मुख्य उद्देश्य गरीब, किसान, मजदूर, छात्र-युवा और महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। ग्रामीण विकास, सिंचाई परियोजनाएं, रोजगार सृजन, सामाजिक सुरक्षा योजनाएं और शहरी आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के लिए बड़े प्रावधान किए गए हैं। साथ ही शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में भी बजट आवंटन बढ़ाने का दावा किया गया है।
राजनीतिक दृष्टि से भी यह बजट अहम माना जा रहा है, क्योंकि रजत जयंती वर्ष में सरकार राज्य की उपलब्धियों और भविष्य की विकास रूपरेखा को रेखांकित करना चाहती है। अब सदन में इस बजट पर विस्तृत चर्चा होगी, जिसके बाद विभिन्न विभागों के लिए आवंटन पर अंतिम मुहर लगेगी।












