Jharkhand Budget Session की समाप्ति और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का संबोधन
झारखंड उन्माद नहीं, अब अवसर की राजनीति का उदय – मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन
Jharkhand Budget Session: झारखंड विधानसभा का बजट सत्र बुधवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के संबोधन के साथ संपन्न हुआ। सीएम ने न केवल अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं, बल्कि आगामी चुनावों और राज्य की दिशा को लेकर एक स्पष्ट राजनीतिक संदेश भी दिया। उन्होंने जोर देकर कहा कि झारखंड अब “उन्माद की नहीं, बल्कि अवसर की राजनीति” के पथ पर अग्रसर है।
आर्थिक मजबूती: 86 हजार करोड़ से 1.58 लाख करोड़ का सफर
मुख्यमंत्री ने वित्तीय आंकड़ों के जरिए विपक्ष को घेरा। उन्होंने बताया कि:
- जब उनकी सरकार ने सत्ता संभाली थी, राज्य का बजट मात्र 86 हजार करोड़ रुपये था।
- वर्तमान में यह बढ़कर 1.58 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
- नीति आयोग और राष्ट्रीय स्तर पर झारखंड की वित्तीय अनुशासन और विकासोन्मुख नीतियों की सराहना की गई है।
सीएम ने मंइयां सम्मान योजना को अपनी सरकार की बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा 50 लाख से अधिक महिलाएं इस योजना से जुड़ चुकी हैं, साथ ही महिला सशक्तिकरण के लिए बजट में 34 हजार करोड़ रुपये का विशेष प्रावधान भी किया गया है। मुख्यमंत्री के अनुसार, महिलाएं अब केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि निर्णय प्रक्रिया की सक्रिय भागीदार बन रही हैं।
शिक्षा का वैश्विक मॉडल: कैम्ब्रिज और ऑक्सफोर्ड जाएंगे झारखंड के छात्र
युवाओं को बड़ा संदेश देते हुए हेमंत सोरेन ने ‘नॉलेज कॉरिडोर’ के निर्माण का संकेत दिया। उन्होंने घोषणा की कि राज्य के प्रतिभाशाली छात्रों को ऑक्सफोर्ड, कैम्ब्रिज और वेल्स जैसे अंतरराष्ट्रीय संस्थानों में पढ़ने का अवसर दिया जा रहा है। हर साल 50 छात्रों को यूरोपीय देशों में उच्च शिक्षा के लिए भेजने का निर्णय लिया गया है। यूके के साथ मिलकर ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र में ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ स्थापित करने पर विचार जारी है।
Jharkhand Budget Session, प्रमुख मुद्दे और केंद्र पर निशाना
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मनरेगा के क्रियान्वयन पर चिंता जताते हुए कहा कि केंद्र सरकार पर राज्य का मजदूरी और सामग्री भुगतान मद में लगभग एक हजार करोड़ रुपये बकाया है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था प्रभावित हो रही है। कर्मचारियों के हित की बात करते हुए उन्होंने पुरानी पेंशन योजना (OPS) को लागू करने के अपने फैसले को दोहराया और इसे वादा निभाने वाली सरकार की प्रतिबद्धता बताया।
वैश्विक और घरेलू मोर्चे पर सरकार को घेरते हुए मुख्यमंत्री ने महंगाई और खाड़ी देशों के युद्ध का जिक्र किया। उन्होंने केंद्र की कार्यशैली पर कटाक्ष करते हुए इसकी तुलना ‘ट्रंप राज’ से की और कहा कि अंतरराष्ट्रीय अस्थिरता का सीधा असर आम जनता की जेब और रसोई पर पड़ रहा है।
झारखंड को पिछड़ेपन की छवि से बाहर निकालना ही हमारा लक्ष्य है। हम परंपरा का सम्मान करते हैं, लेकिन आधुनिक सोच और प्रतिभा के दम पर ही राज्य आगे बढ़ेगा।” — हेमंत सोरेन, मुख्यमंत्री (झारखंड)
मुख्यमंत्री का यह भाषण स्पष्ट करता है कि आगामी समय में सरकार का फोकस युवा, महिला और शिक्षा पर केंद्रित रहने वाला है। बजट सत्र का यह समापन झारखंड की राजनीति में एक नए विमर्श की शुरुआत माना जा रहा है।












