रांची: झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत और जनोन्मुखी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। स्वास्थ्य मंत्री Dr. Irfan Ansari ने रांची स्थित Bhagwan Mahavir Medica Superspecialty Hospital में अपग्रेडेड इमरजेंसी विभाग का उद्घाटन किया।
इमरजेंसी सेवाओं को मिली नई ताकत
उद्घाटन के दौरान मंत्री ने कहा कि आधुनिक सुविधाओं और प्रशिक्षित मेडिकल टीम के जरिए अब आपातकालीन स्थिति में तेजी से इलाज संभव होगा।
उन्होंने कहा,
“आपातकालीन स्थिति में हर मिनट महत्वपूर्ण होता है। नई सुविधाएं कई जिंदगियां बचाने में मदद करेंगी।”
मरीज की मौत पर बिल वसूली नहीं
स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पतालों को सख्त संदेश देते हुए कहा:
“किसी मरीज की मृत्यु के बाद उसके परिजनों से बिल वसूलना अमानवीय है। ऐसे मामलों में बिल माफ किया जाए—यह मेरा स्पष्ट निर्देश है।”
यह बयान राज्य के हेल्थ सेक्टर में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है, जिससे गरीब और जरूरतमंद परिवारों को राहत मिलेगी।
लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई
मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार अस्पतालों के साथ खड़ी है, लेकिन किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
“सेवा भावना से काम करें, सरकार सहयोग देगी, लेकिन लापरवाही पर सख्त कार्रवाई तय है।”
प्राइवेट अस्पतालों के लिए नया रेगुलेशन जल्द
स्वास्थ्य मंत्री ने संकेत दिए कि जल्द ही निजी अस्पतालों के लिए नया रेगुलेटरी फ्रेमवर्क लागू किया जाएगा। इसमें शामिल होंगे:
- ICU और बेड चार्ज का स्टैंडर्डाइजेशन
- सर्जरी और डायग्नोस्टिक सेवाओं की तय दरें
- ट्रांसपेरेंट और अफोर्डेबल हेल्थकेयर सिस्टम
“हेल्थकेयर प्रॉफिट नहीं, बल्कि पेशेंट-सेंट्रिक ह्यूमैनिटी का क्षेत्र है।”
गरीबों को बेहतर इलाज देने पर जोर
मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का मुख्य फोकस गरीब, वंचित और जरूरतमंद लोगों को सम्मानजनक स्वास्थ्य सेवाएं देना है।
“सेवा ही हमारी पहचान होनी चाहिए, ताकि हर वर्ग को इसका लाभ मिल सके।”
#HarGharEmergencyReady पहल पर जोर
उन्होंने आम लोगों से भी अपील की कि वे CPR और इमरजेंसी रिस्पॉन्स के लिए प्रशिक्षित हों।
“सिर्फ अस्पताल ही नहीं, आम नागरिक भी इमरजेंसी के लिए तैयार रहें।”
रांची बनेगा हेल्थ-सुरक्षित शहर
मंत्री ने विश्वास जताया कि यह पहल रांची को अधिक सुरक्षित और स्वास्थ्य-सक्षम शहर बनाने में मदद करेगी।
रांची में इमरजेंसी सेवाओं के अपग्रेड के साथ झारखंड सरकार ने साफ कर दिया है कि अब स्वास्थ्य सेवाओं में जवाबदेही, पारदर्शिता और मानवीय दृष्टिकोण को प्राथमिकता दी जाएगी।













