Jharkhand HighCourt में लोकायुक्त और सूचना आयुक्त जैसे महत्वपूर्ण संवैधानिक पदों पर लंबे समय से खाली पड़े पदों को भरने को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान अदालत ने राज्य सरकार पर सख्त रुख अपनाया। Court ने स्पष्ट तौर पर सरकार को 10 दिनों की अंतिम समयसीमा देते हुए कहा कि यदि इस अवधि में नियुक्ति से संबंधित अधिसूचना जारी नहीं की गई, तो सरकार को इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।
सुनवाई के दौरान राज्य के महाधिवक्ता राजीव रंजन ने बताया कि 25 मार्च को हुई बैठक में कुछ नामों की अनुशंसा कर फाइल राज्यपाल के पास भेजी गई थी, लेकिन बाद में वह फाइल लोक भवन से वापस हटा ली गई। इस पर याचिकाकर्ता पक्ष के अधिवक्ता अभय मिश्रा ने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर नियुक्ति प्रक्रिया में देरी कर रही है और जिन नामों की अनुशंसा की गई थी, उनमें से कुछ व्यक्तियों की राजनीतिक पृष्ठभूमि होने के कारण फाइल लौटाई गई।
Court ने इन आरोपों पर गंभीरता दिखाते हुए राज्य सरकार से स्पष्ट जवाब मांगा। इस पर महाधिवक्ता ने समय की मांग करते हुए कहा कि सरकार नए सिरे से नामों की अनुशंसा कर फाइल दोबारा भेजेगी। कोर्ट ने मामले को गंभीर मानते हुए 10 दिनों की अंतिम मोहलत दी है और अगली सुनवाई 23 अप्रैल को तय की है।

विशेष संवाददाता | Khabar Mantra
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