रांची : Jharkhand में आयुष स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान रांची विधायक Chandreshwar Prasad Singh (सीपी सिंह) द्वारा उठाए गए प्रश्न के जवाब में स्वास्थ्य मंत्री Irfan Ansari ने आयुष व्यवस्था को लेकर महत्वपूर्ण घोषणा की।
मंत्री ने बताया कि वर्ष 2022 में ही 422 आयुष चिकित्सकों की नियुक्ति के लिए अधियाचना Jharkhand Public Service Commission (JPSC) को भेजी जा चुकी है। आयोग से अनुशंसा प्राप्त होते ही चिकित्सकों की तत्काल पदस्थापना सुनिश्चित की जाएगी।
विधानसभा में उठा आयुष संस्थानों की रिक्तियों का मुद्दा
तारांकित प्रश्न के माध्यम से विधायक सीपी सिंह ने आयुष औषधालयों, आयुष निदेशालय और रिक्त चिकित्सकों एवं तृतीय/चतुर्थवर्गीय पदों की नियुक्ति का मुद्दा सदन में उठाया।
इस पर स्वास्थ्य मंत्री ने विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि सरकार आयुष संस्थानों को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है और व्यापक बहाली की प्रक्रिया जारी है।
प्रमुख संस्थानों की स्थिति पर मंत्री का जवाब
स्वास्थ्य मंत्री ने विभिन्न आयुष संस्थानों की वर्तमान स्थिति पर भी जानकारी दी:
- राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल, जगन्नाथपुर (चाईबासा) में कई पद रिक्त होने के बावजूद OPD नियमित रूप से संचालित हो रहा है। 4th ग्रेड कर्मचारियों की प्रतिनियुक्ति और सुरक्षा के लिए 6 होमगार्ड तैनात किए गए हैं।
- यूनानी महाविद्यालय एवं अस्पताल, गिरिडीह में रिक्तियों के बावजूद चिकित्सा पदाधिकारी द्वारा OPD सुचारू रूप से संचालित है।
- आयुर्वेदिक फार्मेसी महाविद्यालय, साहेबगंज में भी गैर-शैक्षणिक सेवा के आयुर्वेदिक चिकित्सा पदाधिकारी की नियुक्ति कर कार्य व्यवस्थित ढंग से चलाया जा रहा है।
- राजकीय होमियोपैथिक महाविद्यालय, पारसपानी (गोड्डा) में नियमित पदस्थापना के साथ-साथ संविदा के आधार पर शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक नियुक्तियां की गई हैं।
आयुष निदेशालय में पद सृजन की प्रक्रिया जारी
मंत्री ने बताया कि आयुष निदेशालय के गठन के बाद तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी पदों के सृजन की प्रक्रिया विभाग में चल रही है। पद सृजित होते ही शीघ्र नियुक्ति की जाएगी। फिलहाल निदेशालय के संचालन के लिए 3 पदाधिकारी और 5 कर्मचारी पदस्थापित हैं।
“स्वास्थ्यकर्मियों की कमी नहीं रहने देंगे” — डॉ. इरफान अंसारी
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने सदन को आश्वस्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार आयुष प्रणाली को नई मजबूती देने के लिए गंभीर है। जल्द ही पारदर्शी प्रक्रिया के तहत व्यापक नियुक्तियां की जाएंगी और आयुष संस्थानों में कर्मियों की कमी नहीं रहने दी जाएगी।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि आने वाले समय में झारखंड की आयुष व्यवस्था में बड़ा सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा।













