जमशेदपुर (बहरागोड़ा): झारखंड के जमशेदपुर स्थित बहरागोड़ा में उस वक्त सनसनी फैल गई, जब स्वर्णरेखा नदी के तट पर एक विशालकाय संदिग्ध वस्तु बरामद हुई। जिसे स्थानीय लोग शुरुआत में कबाड़ समझ रहे थे, वह जांच के बाद 226 किलो वजनी एक खतरनाक मिसाइल बम निकला। सबसे डराने वाली बात यह है कि इस बम की अब भी सक्रिय यानी जिंदा होने की पुष्टि हुई है।
Jharkhand News: द्वितीय विश्व युद्ध से जुड़े हो सकते हैं तार
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, यह बम काफी पुराना है। प्रारंभिक कयास लगाए जा रहे हैं कि यह द्वितीय विश्व युद्ध (World War II) के समय का हो सकता है। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि भारतीय सेना की जांच के बाद ही हो पाएगी।
घटना की अब तक की बड़ी बातें
- वजन: लगभग 226 किलोग्राम।
- स्थान: बहरागोड़ा, स्वर्णरेखा नदी का तट।
- स्थिति: बम सक्रिय है, जिससे बड़े धमाके का खतरा बना हुआ है।
- प्रशासनिक कार्रवाई: ग्रामीण एसपी ऋषभ गर्ग ने सेना को पत्र लिखकर विशेषज्ञ टीम बुलाई है।
- सुरक्षा घेरा: पुलिस ने इलाके को सील कर दिया है और लोगों को दूर रहने की हिदायत दी है।
जान जोखिम में डाल बना रहे ‘रील‘
जहां एक तरफ प्रशासन इस बम को लेकर हाई अलर्ट पर है, वहीं स्थानीय ग्रामीणों में डर के बजाय कौतूहल अधिक देखा जा रहा है। विडंबना यह है कि पुलिस की चेतावनी के बावजूद कई युवा इस विस्फोटक के साथ रील बनाने और सेल्फी लेने की कोशिश कर रहे हैं। प्रशासन ने सख्त लहजे में कहा है कि यह एक “टाइम बम” की तरह हो सकता है और जरा सी लापरवाही बड़ी तबाही का कारण बन सकती है।
सेना की विशेष टीम करेगी डिफ्यूज
मामले की गंभीरता को देखते हुए बम निरोधक दस्ते (BDDS) के साथ-साथ भारतीय सेना की विशेष तकनीकी टीम को बुलाया गया है। सेना की टीम यह जांच करेगी कि यह मिसाइल बम यहां कैसे पहुंचा और इसे सुरक्षित तरीके से कहां और कैसे डिफ्यूज किया जाए।
प्रशासन की अपील है कि “सभी ग्रामीण घटनास्थल से सुरक्षित दूरी बनाए रखें। किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और सुरक्षा घेरे को पार करने की कोशिश न करें।”











