Jharkhand News : बीबीएमकेयू (बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय), धनबाद के द्वितीय दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार ने कहा कि हर एक शिक्षित युवा को समाज के कम से कम एक बच्चे की शिक्षा का दायित्व अवश्य लेना चाहिए। यदि ऐसा संकल्प लिया जाए तो अशिक्षा और असमानता की जड़ें स्वतः कमजोर पड़ जाएंगी।
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धनबाद के न्यू टाउन हॉल में आयोजित दीक्षांत समारोह में राज्यपाल ने 220 टॉपर्स को डिग्री एवं स्वर्ण पदक प्रदान किए। विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उन्होंने डिग्री प्राप्त करने वाले छात्रों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की और उन्हें नई खोज, नवाचार एवं अनुसंधान के अवसर तलाशने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल व्यक्तिगत उन्नति तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि समाज और राष्ट्र के लिए प्रेरणा बनना चाहिए।
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Jharkhand News: अगले माह तक नियुक्ति प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी
इस अवसर पर राज्यपाल ने उच्च शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर भी बात की। मीडिया से बातचीत में उन्होंने संकेत दिया कि राज्य के जिन विश्वविद्यालयों में प्रोफेसर और कुलपति की कमी है, वहां अगले माह तक नियुक्ति प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों में सत्र नियमित रूप से संचालित हो और शैक्षणिक प्रक्रिया सही ढंग से आगे बढ़े, इस दिशा में सरकार लगातार प्रयासरत है। साथ ही, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि उच्च शिक्षा में नामांकन की संख्या में कमी एक चिंता का विषय है, जिसे दूर करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।
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दीक्षांत समारोह में कुल 220 गोल्ड मेडल एवं उपाधियां प्रदान की गईं। इसमें 35 पीएचडी छात्रों को डिग्री दी गई। तीन एकेडमिक सत्रों के तीन सर्वश्रेष्ठ पीजी और तीन सर्वश्रेष्ठ यूजी छात्रों को सम्मानित किया गया। इसके अलावा एमबीबीएस के पांच, एलएलबी के चार तथा बीएड, एमएड, बीसीए और बीबीए के तीन-तीन विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक प्रदान किए गए। यूजी के तीन सत्रों के 78 तथा पीजी के तीन सत्रों के 80 विद्यार्थियों को डिग्रियां दी गईं। इस दीक्षांत समारोह में पहली बार यूजी विभागवार टॉपर्स को भी गोल्ड मेडल देकर सम्मानित किया गया।












