Jharkhand News: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में झारखण्ड का प्रतिनिधिमंडल वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की वार्षिक बैठक के दौरान दावोस में एक मजबूत और स्पष्ट उद्देश्य के साथ शामिल होगा। इस मंच के जरिए झारखण्ड खुद को स्थिरता, ऊर्जा बदलाव, समावेशी विकास और औद्योगिक प्रगति जैसे वैश्विक मुद्दों पर एक जिम्मेदार और भविष्य के लिए तैयार राज्य के रूप में खुद को प्रस्तुत करेगा। वर्ल्ड फोरम पर उच्च-स्तरीय बैठकों, विचार-विमर्श सत्रों और द्विपक्षीय चर्चाओं के माध्यम से वैश्विक उद्योग जगत के नेताओं, नीति निर्माताओं, बहुपक्षीय संस्थानों और निवेशकों से संवाद करेगा।
Jharkhand News: प्रकृति के साथ संतुलन में विकास है मूल दृष्टि
झारखण्ड इस बैठक में “प्रकृति के साथ संतुलन में विकास” के दृष्टिकोण के साथ शामिल हो रहा है। यह सोच आर्थिक विकास को पर्यावरण की रक्षा, लोगों के कल्याण और लंबे समय तक टिकाऊ विकास के साथ जोड़ती है। अपने गठन के 25 वर्ष पूरे कर चुके युवा राज्य के रूप में झारखण्ड खुद को केवल खनिज संसाधनों वाला राज्य नहीं, बल्कि बेहतर शासन और भविष्य की जरूरतों के अनुसार विकास का रास्ता बनाने वाले राज्य के तौर पर पेश होगा।
Jharkhand News: वैश्विक कंपनियों और संस्थानों के प्रमुखों के साथ संवाद
वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के दौरान मुख्यमंत्री टाटा स्टील, हिताची, श्नाइडर इलेक्ट्रिक, इंफोसिस, वेलस्पन, एबी इनबेव, ब्लूमबर्ग, टेक महिंद्रा, अल्फानार, रामकी ग्रुप, एवरस्टोन ग्रुप सहित स्वीडन, अमेरिका और यूरोप की वैश्विक व्यापार परिषदों और संस्थानों के प्रमुख के साथ बैठक करेंगे। इन बैठकों में टिकाऊ उद्योग, हरित ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिज, आधुनिक बुनियादी ढाँचा, डिजिटल तकनीक और जलवायु के अनुकूल औद्योगिक विकास में निवेश के अवसरों पर चर्चा होगी।
मुख्यमंत्री ऊर्जा बदलाव, क्षेत्रीय नेतृत्व, बड़े पैमाने पर स्थिरता, महत्वपूर्ण खनिजों और मजबूत आपूर्ति श्रृंखलाओं में भारत की भूमिका से जुड़े उच्च-स्तरीय मंत्रिस्तरीय संवाद और पैनल चर्चाओं में भी भाग लेंगे। इन मंचों पर झारखण्ड यह बात सामने रखेगा कि भूमि, श्रम, संसाधन और जलवायु परिवर्तन के प्रबंधन में राज्य सरकार की भूमिका कितनी अहम है और कैसे राज्य स्तर से वैश्विक समाधान निकलते हैं।
Jharkhand News: झारखण्ड मंडप का उद्घाटन होना रहेगा महत्वपूर्ण
झारखण्ड प्रतिनिधिमंडल की मौजूदगी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा झारखण्ड पेवेलियन का उद्घाटन है। पेवेलियन का उद्घाटन 20 जनवरी को होगा। यह पेवेलियन राज्य की निवेश संभावनाओं, नीतिगत सुधारों और दीर्घकालिक विकास योजना को प्रस्तुत करने का एक समर्पित मंच होगा। इसके माध्यम से झारखण्ड अपनी खनन और औद्योगिक पहचान से आगे बढ़कर हरित विकास, मूल्यवर्धित उत्पादन, जिम्मेदार संसाधन प्रबंधन और समावेशी रोजगार की दिशा में अपनी यात्रा को दिखाने की कोशिश करेगा।
झारखण्ड का विकास मॉडल लोगों, प्रकृति और स्थिरता पर आधारित
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन का मानना है कि राज्य का विकास मॉडल लोगों, प्रकृति और स्थिरता पर आधारित होना चाहिए। राज्य जिम्मेदार खनन, नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग, समुदायों की भागीदारी, महिलाओं के नेतृत्व वाले उद्यम और कौशल विकास को प्राथमिकता दे रहा है, ताकि विकास का लाभ सभी तक पहुँचे। दावोस में झारखण्ड की भागीदारी के दौरान वैश्विक और भारतीय मीडिया से भी व्यापक बातचीत होगी।
इसके जरिए राज्य यह संदेश देने का प्रयास करेगा कि विकास के साथ जिम्मेदारी भी जरूरी है। जैसे-जैसे दुनिया में ऊर्जा, संसाधन और प्रतिभा की मांग बढ़ रही है, झारखण्ड खुद को एक भरोसेमंद भागीदार के रूप में स्थापित कर रहा है, जो पारदर्शिता, स्थिरता और लंबे समय तक मूल्य देने में सक्षम है।
विजन 2050 की ओर देखते हुए, वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में झारखण्ड की यह भागीदारी एक महत्वपूर्ण मोड़ है। यह 25 साल के युवा राज्य को आत्मविश्वास के साथ वैश्विक मंच पर ले जाती है और “प्रकृति के साथ संतुलन” के सिद्धांत पर आधारित सतत, समावेशी और भविष्य की ओर बढ़ते विकास के नए दौर की शुरुआत करती है।

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