Jharkhand News: झारखंड पंचायती राज अधिनियम का दिया हवाला; कहा- अनदेखी हुई तो विधि विरुद्ध माना जाएगा प्रशासन का कदम
Jharkhand News: धनबाद जिला परिषद अध्यक्ष शारदा सिंह ने अपने वैधानिक अधिकारों के हनन को लेकर मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी (CEO) को कड़ा पत्र लिखते हुए अधिकारों के संरक्षण की मांग की है।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि जिला परिषद अध्यक्ष का पद पंचायती राज व्यवस्था के तहत एक संवैधानिक और सर्वोच्च निर्वाचित पद है। इसे भारतीय संविधान के अनुच्छेद 243 और झारखंड पंचायती राज अधिनियम 2001 के तहत व्यापक अधिकार प्राप्त हैं। प्रशासन को इन नियमों का सम्मान करना चाहिए।
अधिनियम की धाराओं का उल्लेख
अध्यक्ष ने अपने पत्र में अधिनियम की विभिन्न धाराओं का विस्तार से उल्लेख करते हुए कहा कि:
- धारा 53 व 54: परिषद की बैठक बुलाने और कार्यसूची (Agenda) तय करने का पूर्ण अधिकार।
- धारा 55: परिषद के कार्यों के पर्यवेक्षण और नियंत्रण का अधिकार।
- धारा 56: वित्तीय मामलों और विकास योजनाओं में अनिवार्य भूमिका।
- धारा 57: राज्य सरकार व प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित करने की जिम्मेदारी।
कानूनी कार्रवाई की चेतावनी
शारदा सिंह ने कड़े लहजे में चेतावनी दी कि यदि भविष्य में उनके अधिकारों की अनदेखी की गई या पद की गरिमा को ठेस पहुँचाई गई, तो इसे विधि विरुद्ध माना जाएगा। ऐसी स्थिति में वे उचित कानूनी कार्रवाई करने के लिए बाध्य होंगी। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि सभी संवैधानिक प्रावधानों का पालन सुनिश्चित किया जाए।











