Ranchi: झारखंड की राजनीति में एक बार फिर सरकारी खर्च को लेकर नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने बहस छेड़ दी है। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने एक पत्र सोशल मीडिया पर जारी किया है। जिसमें उन्होंने बुलेट प्रूफ गाड़ियों का जिक्र किया है और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इन गाड़ियों का सही तरिके से इस्तेमाल करने की बात कही है।
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12 गाड़िया HQRT में है खड़ी
अपने पत्र में बाबूलाल मरांडी ने कहा है साल 2024 में गृह विभाग के द्वारा मुख्यमंत्री, पूर्व मुख्यमंत्री, राज्यपाल और वीआईपी मूवमेंट के लिए कुल 17 गाड़ियां खरीदी थी। उन्होंने आगे कहा कि इनमें से 3 गाड़ियां मुख्यमंत्री के लिए जबकि 2 राजभवन के लिए दी गई है। लेकिन इनमें से 12 गाड़िया HQRT में रखी गई है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि HQRT में रखी गई है। कहा कि अगर लंबे समय तक नई गाड़ियां खड़ी रहेगी तो वह खराब हो सकती है, जिससे जनका के पैसे की बर्बादी होगी।
Jharkhand News:10-12 साल है पुरानी है पूर्व मुख्यमंत्रियों की गाड़ी
उन्होंने यह भी बताया कि पूर्व मुख्यमंत्रियों को जो बुलेट प्रूफ गाड़ियां दी गई है, वे 10-12 साल पुरानी है और करीब 2 लाख किलोमीटर चल चुकी हैं। ये गाड़ियां बार-बार खराब हो रही हैं। हाल में देखा जाए तो बाबूलाल मरांडी ने एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर डाला था, जिसमें गाड़ी खराब होने की जानकारी दी थी। ऐसे में उन्होंने सुझाव दिया कि जो नई गाड़ियां उपयोग में नहीं है, उन्हें मुख्य सचिव, डीजीपी, गृह सचिव और कैबिनेट सचिव को आवंटित कर दिया जाए। ताकि उनका नियमित उपयोग किया जा सके।












