Jharkhand News: रांची के बड़ा तालाब को लेकर चल रहे अतिक्रमण विवाद में नगर निगम प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। शहर के इस ऐतिहासिक जलस्रोत की वास्तविक स्थिति सामने लाने के लिए नगर निगम ने दो अलग-अलग जांच टीमों का गठन किया है। प्रशासन का मानना है कि बिना ठोस तथ्यों और दस्तावेजी रिपोर्ट के किसी नतीजे पर पहुंचना उचित नहीं होगा, इसलिए पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और तथ्यपरक बनाया जा रहा है।
Jharkhand News: विस्तृत सर्वे कर जल्द रिपोर्ट सौंपने का निर्देश
नगर निगम के अपर प्रशासक संजय कुमार के अनुसार, पहली टीम को बड़ा तालाब के मौजूदा क्षेत्र, उसकी सीमा और आसपास की भौतिक स्थिति का विस्तृत सर्वे कर जल्द रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है। दूसरी ओर, सदर अंचल अधिकारी को अब तक हुई सभी पुरानी जांचों और संबंधित रिकॉर्ड नगर निगम को उपलब्ध कराने को कहा गया है। इन दोनों रिपोर्टों के मिलान के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि वास्तव में अतिक्रमण कहां और कितनी जमीन पर हुआ है।
प्रशासन का कहना है कि बड़ा तालाब के चारों ओर सड़कें और अन्य संरचनाएं विकसित हो चुकी हैं, जिससे सीमाओं को लेकर भ्रम की स्थिति बनी है। अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही यह तय किया जाएगा कि कौन-सा हिस्सा सार्वजनिक जलक्षेत्र में आता है और कहां नियमों का उल्लंघन हुआ है।
Jharkhand News: अतिक्रमण की पुष्टि होने पर कड़ी कार्रवाई-अपर प्रशासक
अपर प्रशासक ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि जांच में नदी या तालाब की जमीन पर अतिक्रमण की पुष्टि होती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही संकेत दिए गए हैं कि आने वाले समय में कांके डैम और हरमू नदी के आसपास के इलाकों में भी इसी तरह की जांच शुरू की जा सकती है।
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हालांकि, जमीन के मालिकाना हक और दस्तावेजों को लेकर उठ रहे सवालों पर फिलहाल नगर निगम प्रशासन ने कोई टिप्पणी करने से परहेज किया है। प्रशासन का जोर इस बात पर है कि पहले तथ्यों की पूरी तस्वीर सामने आए, ताकि किसी के साथ अन्याय न हो और सार्वजनिक जलस्रोतों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।












