कोयला खदान हादसा अपडेट: धनबाद के बाघमारा थाना क्षेत्र के अंतर्गत ब्लॉक-2 के बंद पड़े जमुनिया C पैच में 22 जुलाई की रात हुए अवैध कोयला खनन हादसे के पांच दिन बीतने के बाद भी NDRF की खोजबीन अब तक बेनतीजा रही है। मौके पर बीसीसीएल, डीजीएमएस और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी के बावजूद राहत और बचाव कार्य में संसाधनों की भारी कमी देखी जा रही है।
संसाधनों की कमी से राहत कार्य प्रभावित
स्थानीय लोगों और सूत्रों के अनुसार, स्थानीय प्रबंधन के पास उच्च क्षमता वाली भारी मशीनें मौजूद हैं, फिर भी NDRF टीम को आवश्यक उपकरण और संसाधन नहीं मिल पा रहे हैं। यही वजह है कि राहत कार्य धीमा है और अब तक दबे मजदूरों के शव तक नहीं पहुंचा जा सका है। चर्चा यह भी है कि घटना के तुरंत बाद बड़े मशीनों से स्थल की भराई की गई थी, जिसे लेकर जांच जारी है।
सांसद चंद्र प्रकाश चौधरी हुए सक्रिय
घटना के तुरंत बाद सांसद चंद्र प्रकाश चौधरी और विधायक सरयू राय ने घटनास्थल का दौरा किया था और जांच की मांग को लेकर थाने में धरना भी दिया था। अब सांसद चौधरी ने इस पूरे मामले में कोल इंडिया के चेयरमैन को पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने ब्लॉक-2 प्रबंधन द्वारा राहत कार्य में लापरवाही और जरूरी संसाधन नहीं देने का आरोप लगाया है।
सांसद निधि से खर्च वहन की पेशकश
सांसद चौधरी ने धनबाद उपायुक्त को भी पत्र लिखकर यह अनुशंसा की है कि यदि राहत कार्य में संसाधनों या उपकरणों की कमी आड़े आ रही है, तो उसका खर्च उनके सांसद निधि से वहन किया जाए। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि NDRF टीम को आवश्यक संसाधन तुरंत उपलब्ध कराए जाएं ताकि दबे मजदूरों के शवों को निकाला जा सके।












