झारखंड में पारा शिक्षक (सहायक अध्यापक) अपनी लंबित समस्याओं को लेकर एक बार फिर आंदोलनरत हैं। राज्यभर से आए शिक्षक राजधानी रांची में मुख्यमंत्री आवास के समीप नागाबाबा खटाल में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं।
यह धरना शिक्षकों की विभिन्न मांगों को लेकर किया जा रहा है, जहां कई शिक्षक मिलकर अपनी बात रख रहे हैं। इसी क्रम में बबलू सिंह भी सक्रिय रूप से अपनी बात रखते हुए नजर आ रहे हैं।
आंदोलन की पृष्ठभूमि
झारखंड राज्य आकलन प्रशिक्षित सहायक अध्यापक संघर्ष मोर्चा के बैनर तले यह धरना आयोजित किया गया है।
मोर्चा से जुड़े ऋषिकांत तिवारी, दिलशाद अंसारी, बबलू सिंह, विकास चौधरी और सुमन कुमार ने बताया कि सरकार को पहले ही कई बार मांगों के बारे में अवगत कराया गया था। इसके बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने के कारण अब शिक्षकों को धरना देने का निर्णय लेना पड़ा।
क्या कह रहे हैं शिक्षक?
धरने में शामिल शिक्षकों का कहना है कि सरकार के साथ हुए समझौते के अनुरूप कई फैसले लागू होने चाहिए थे, लेकिन अब तक उन पर अमल नहीं हुआ।
इसी दौरान बबलू सिंह ने भी कहा कि शिक्षकों की समस्याएं लंबे समय से लंबित हैं और अब उन्हें नजरअंदाज करना उचित नहीं है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मांगों पर ठोस निर्णय होने तक यह धरना जारी रहेगा।
उनके साथ अन्य शिक्षक भी लगातार अपनी बात रख रहे हैं, जिससे यह आंदोलन सामूहिक रूप से आगे बढ़ रहा है।
प्रमुख मांगें
धरने पर बैठे पारा शिक्षकों ने सरकार के सामने अपनी मांगें रखी हैं:
आकलन परीक्षा को समकक्ष दर्जा
- आकलन परीक्षा को TET के बराबर मान्यता दी जाए
- प्रमाण पत्र जारी कर सहायक आचार्य परीक्षा में शामिल होने का अवसर दिया जाए
समान काम, समान वेतन
- सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार वेतन तय किया जाए
मानदेय में बढ़ोतरी
- बढ़ती महंगाई को देखते हुए ₹8000 की वृद्धि
साल में दो बार TET परीक्षा
- प्रशिक्षित शिक्षकों के लिए नियमित अवसर सुनिश्चित हो
कट-ऑफ नीति
- बिहार के तर्ज पर लागू किया जाए
बर्खास्त शिक्षकों की बहाली
- 961 शिक्षकों की सेवा बहाल की जाए
सेवा अवधि
- सेवानिवृत्ति आयु 62 वर्ष तय की जाए
धरना स्थल पर मौजूद अन्य शिक्षक
धरने में बड़ी संख्या में शिक्षक और पदाधिकारी शामिल हैं। कार्यक्रम को महेश कुमार मेहता (प्रदेश उपाध्यक्ष), बसंत कुमार (कोषाध्यक्ष), सुशील झा, संजय पाठक, युगल किशोर, वीरेंद्र राय, जमालुद्दीन अंसारी, मोतीलाल टुडू, पिंकी राय, अरुण कुमार, उमेश कुमार, बिरजू राम, शकील खान, आशीष नाथ शाहदेव, रुद्र प्रताप सिंह, विजय प्रसाद, दिनेश यादव, राम सिंह, सियाराम सिंह, बलवंत कुमार, आलोक कुमार, सरिता कुमारी, सविता कुमारी, गीता कुमारी, जयंती कुमारी, कल्याणी वर्मा, नागेंद्र पासवान, बृजकिशोर तिवारी, आशीष कुमार, श्याम किशोर पांडे, अभिषेक सिंह, मनोज कुमार समेत अन्य लोगों ने संबोधित किया।
शिक्षकों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर स्पष्ट निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक यह धरना जारी रहेगा। फिलहाल सरकार की प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।
झारखंड में पारा शिक्षकों का यह धरना सामूहिक प्रयास का हिस्सा है, जिसमें कई शिक्षक अपनी समस्याओं को सामने रख रहे हैं।
इस दौरान बबलू सिंह सहित अन्य शिक्षकों की सक्रिय भागीदारी यह दिखाती है कि यह मुद्दा व्यापक स्तर पर जुड़ा हुआ है और समाधान की प्रतीक्षा में है।

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