Jharkhand Politics: झारखंड के आदिवासी बहुल क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली का एक और हृदय विदारक मामला सामने आया है। गुमला में स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के कारण एक गर्भवती महिला और उसके नवजात की जान चली गई। इस दुखद घटना को लेकर नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सरकार पर तीखा हमला बोला है।
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उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएँ हर दिन आदिवासी क्षेत्रों में होती हैं, जो सरकार की अकर्मण्यता और मानवीय संवेदनाओं से रिक्त होने का प्रमाण हैं। मरांडी ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन इस मामले पर भी कुछ नहीं बोलेंगे, जो राज्य के आदिवासी समुदाय के प्रति उपेक्षा को दर्शाता है।
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Jharkhand Politics: झारखंड का भविष्य खतरे में है
बाबूलाल ने मांग की है कि ऐसे संवेदनशील स्थानों को तुरंत चिन्हित किया जाए जहां खाट पर मरीज ढोने पड़ते हैं, और वहां आवागमन की सुगम व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधि इस मानवीय त्रासदी पर गंभीर नहीं हुए, तो झारखंड का भविष्य वाकई खतरे में है।
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बताते चलें कि गुमला के झलकापाठ गांव में 19 वर्षीय गर्भवती सुकरी कुमारी और उसके नवजात शिशु की जान, केवल इसलिए चली गई क्योंकि समय पर इलाज नहीं मिल पाया और गांव तक पहुंचने के लिए कोई सड़क नहीं थी। गंभीर हालत में उसे बहंगी (खाट) पर लादकर अस्पताल ले जाना पड़ा, लेकिन दुर्भाग्यवश दोनों को बचाया नहीं जा सका।












