Dhanbad: झारखंड प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन, धनबाद इकाई की एक महत्वपूर्ण बैठक सोमवार को ज्ञान सिंधु एकेडमी, निरसा में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता संगठन के स्थानीय अध्यक्ष रंजीत कुमार मिश्रा ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में निरसा के लोकप्रिय विधायक अरूप चटर्जी उपस्थित रहे। बैठक में एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने शिक्षा से जुड़ी ज्वलंत समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नाम एक ज्ञापन सौंपा।
मुख्य मांगें और मुद्दे:
बैठक में प्रमुख रूप से निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा अधिकार अधिनियम (RTE) 2009 की प्रथम संशोधित नियमावली 2019 के तहत मान्यता प्राप्त करने में आ रही कठिनाइयों पर चर्चा की गई। एसोसिएशन ने निम्नलिखित बिंदुओं पर सरकार से तत्काल कार्रवाई की मांग की:
- विद्यालय भवन व जमीन की बाध्यता समाप्त की जाए – ग्रामीण क्षेत्रों में 1 एकड़ और शहरी क्षेत्रों में 75 डिसमिल जमीन की अनिवार्यता वर्तमान समय में अव्यवहारिक है, खासकर उन विद्यालयों के लिए जो वर्षों से सफलतापूर्वक संचालित हो रहे हैं।
- 2019 से पूर्व स्थापित विद्यालयों को विशेष छूट दी जाए – ऐसे विद्यालयों को पूर्ववत आरटीई 2009 के तहत मान्यता प्रदान की जाए।
- UDISE कोड निर्गत करने में आ रही बाधाओं को हटाया जाए – वर्तमान में कई निजी विद्यालयों को UDISE कोड नहीं मिल पा रहा है, जिससे मान्यता प्रक्रिया लंबित है।
- 5 वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों को प्रशिक्षित माना जाए – वर्षों से सेवाएं दे रहे शिक्षकों को प्रशिक्षण मान्यता प्रदान की जाए।
- 25% निशुल्क नामांकन की क्षतिपूर्ति शीघ्र दी जाए – आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को निशुल्क शिक्षा देने वाले निजी विद्यालयों को सरकार की ओर से आज तक कोई मुआवजा नहीं मिला है।
लाखों छात्रों का भविष्य दांव पर
एसोसिएशन के सचिव इरफान खान ने बताया कि झारखंड में 8,000 से अधिक ऐसे विद्यालय हैं जिन्हें UDISE कोड प्राप्त है, जबकि 5,000 से अधिक विद्यालय ऐसे हैं जिन्हें अब तक यह कोड नहीं मिला है। इन विद्यालयों में 35 लाख से अधिक छात्र-छात्राएं शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं, और लगभग 75 हजार शिक्षक एवं अन्य कर्मचारी प्रत्यक्ष रूप से इनसे जुड़े हुए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि नियमावली में लचीलापन नहीं लाया गया तो राज्य के 95% से अधिक निजी विद्यालय बंद होने की कगार पर आ जाएंगे।
विधायक का आश्वासन
विधायक अरूप चटर्जी ने बैठक में सभी शिक्षकों और स्कूल प्रतिनिधियों की समस्याएं गंभीरता से सुनी और आश्वासन दिया कि वे जल्द ही मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मिलकर इन मुद्दों को उठाएंगे और यथासंभव समाधान कराने का प्रयास करेंगे।
बैठक में प्रमुख लोग उपस्थित
इस महत्वपूर्ण बैठक में मुन्ना सिंह, विशाल श्रीवास्तव, हरेराम मिश्रा, असरार आलम, बप्पा दत्ता, एजाज सर, अरविंद चक्रवर्ती, गणेश यादव, संजीव कुमार, कृपामय गोराई, मौमिता दत्ता समेत दर्जनों स्कूलों के प्रतिनिधि, प्रचार्य एवं शिक्षक उपस्थित रहे।












