रांची: Jharkhand में नियमित पुलिस महानिदेशक (DGP) की नियुक्ति का मामला एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। बुधवार को प्रकाश सिंह बनाम भारत सरकार मामले में सुनवाई के दौरान झारखंड समेत विभिन्न राज्यों में DGP की नियुक्ति प्रक्रिया से जुड़े मामलों पर अदालत ने विचार किया। मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने मामले की आंशिक सुनवाई की।
सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने मामले में विस्तृत सुनवाई के लिए 7 सितंबर 2026 की तारीख तय की है। अब अगली सुनवाई में राज्यों में DGP की नियुक्ति की प्रक्रिया और वर्ष 2006 के प्रकाश सिंह फैसले में निर्धारित दिशा-निर्देशों के पालन से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से सुनवाई होने की संभावना है।
Jharkhand में नियमित DGP की नियुक्ति का मुद्दा
सुप्रीम कोर्ट के समक्ष देश के अलग-अलग राज्यों में DGP की नियुक्ति और पुलिस सुधार से संबंधित याचिकाएं विचाराधीन हैं। इसी क्रम में झारखंड में नियमित पुलिस महानिदेशक की नियुक्ति का मुद्दा भी सामने आया है।
पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने मामले से संबंधित पूरा पेपरबुक न्याय मित्र (Amicus Curiae) को सौंपने का निर्देश दिया था। अदालत ने न्याय मित्र से मामले के विभिन्न पहलुओं का अध्ययन कर एक विस्तृत नोट प्रस्तुत करने को कहा था। बुधवार की सुनवाई इसी प्रक्रिया की अगली कड़ी रही।
क्या है प्रकाश सिंह केस का फैसला?
दरअसल, वर्ष 2006 में सुप्रीम कोर्ट ने प्रकाश सिंह मामले में पुलिस सुधार को लेकर कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए थे। इनमें राज्यों के पुलिस महानिदेशक की नियुक्ति को लेकर भी स्पष्ट प्रक्रिया तय की गई थी।
फैसले के अनुसार, राज्य सरकार को कार्यवाहक DGP नियुक्त करने के बजाय UPSC द्वारा तैयार किए गए तीन वरिष्ठतम पात्र अधिकारियों के पैनल में से नियमित DGP का चयन करना चाहिए। इसके अलावा नियुक्त DGP को कम से कम दो वर्ष का न्यूनतम कार्यकाल दिए जाने की व्यवस्था भी फैसले में की गई थी।
DGP नियुक्ति प्रक्रिया पर क्यों है नजर?
प्रकाश सिंह फैसले का उद्देश्य पुलिस व्यवस्था में राजनीतिक हस्तक्षेप को कम करना और पुलिस नेतृत्व को स्थिरता देना था। इसी वजह से DGP की नियुक्ति प्रक्रिया में UPSC पैनल और न्यूनतम कार्यकाल जैसे प्रावधानों को महत्वपूर्ण माना जाता है।
झारखंड में DGP की नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर पहले भी न्यायालय में सवाल उठते रहे हैं। अब सुप्रीम कोर्ट की 7 सितंबर की विस्तृत सुनवाई पर नजर रहेगी। इस सुनवाई में राज्य में नियमित DGP की नियुक्ति और प्रकाश सिंह फैसले के दिशा-निर्देशों के अनुपालन को लेकर स्थिति और स्पष्ट हो सकती है।

विशेष संवाददाता | Khabar Mantra
विकाश कुमार झारखंड के रांची के रहने वाले और यहीं जन्मे पत्रकार एवं डिजिटल मीडिया प्रोफेशनल हैं। झारखंड में लंबे समय से रहने और काम करने के कारण उन्हें राज्य के गांवों, शहरों, स्थानीय समाज, प्रशासन और जमीनी मुद्दों की गहरी समझ है।
5+ वर्षों के पत्रकारिता अनुभव के साथ उन्होंने Gandiva, Lagatar.in, News11 Digital और Prabhat Khabar Digital जैसे मीडिया संस्थानों में काम किया है। वर्तमान में Khabar Mantra Digital में Digital Media Manager-cum-Executive एवं विशेष संवाददाता के रूप में कार्यरत हैं।
वे विशेष रूप से कोयलांचल, BCCL, कोलियरियों, औद्योगिक क्षेत्रों, स्थानीय प्रशासन और जनहित के मुद्दों पर रिपोर्टिंग करते हैं।
Expertise: Journalism • Digital Media • Ground Reporting • Content & Social Media • Video Production • News Analysis








