झारखंड के चर्चित विष्णुगढ़ कांड को लेकर राजनीतिक बयानबाज़ी तेज हो गई है। कांग्रेस विधायक Amba Prasad ने पुलिस और राज्य प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए पूरे मामले की निष्पक्षता पर सवाल खड़े किए हैं।
सोशल मीडिया पर जारी एक विस्तृत पोस्ट में उन्होंने कहा कि यह मामला “हादसा नहीं, बल्कि एक सोची-समझी कहानी” की तरह पेश किया जा रहा है।
“हादसे को कहानी बनाकर पेश किया जा रहा”
Amba Prasad ने आरोप लगाया कि मासूम बच्ची की मौत को “गैंगरेप” का रूप देने की कोशिश की गई, जबकि अब पुलिस खुद इसे अलग तरह से पेश कर रही है। उन्होंने कहा कि यह बदलाव कई सवाल खड़े करता है और सच्चाई सामने आनी चाहिए।
डीजीपी और पुलिस की भूमिका पर सवाल
उन्होंने झारखंड के डीजीपी से सीधे सवाल करते हुए कहा कि पहले जो “कहानी” पेश की गई, वह अब क्यों बदली जा रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस के कई अधिकारी रिटायर हो चुके हैं और अब जवाबदेही से बचने की कोशिश हो रही है।
“साहस है तो सच बताइए”
विधायक ने खुली चुनौती देते हुए कहा कि अगर हिम्मत है तो मामले का पूरा सच सार्वजनिक किया जाए।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि किसी “खास नाम” को बचाने के लिए कहानी बदली जा रही है और जांच को प्रभावित किया जा रहा है।
राजनीतिक साजिश का आरोप
Amba Prasad ने दावा किया कि इस पूरे मामले का उद्देश्य उन्हें राजनीतिक रूप से निशाना बनाना था।
उन्होंने कहा कि भाजपा और उससे जुड़े लोग इस “कथित कहानी” को उनके खिलाफ इस्तेमाल करने की कोशिश कर रहे हैं।
जांच पर उठते सवाल, सियासत गरम
इस बयान के बाद विष्णुगढ़ कांड एक बार फिर राजनीतिक केंद्र में आ गया है।
जहां एक ओर विपक्ष निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है, वहीं सत्ताधारी पक्ष पर आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है—
क्या इस मामले में सच्चाई पूरी तरह सामने आएगी या यह विवाद राजनीतिक आरोपों के बीच ही उलझकर रह जाएगा?












