Jharkhand: झारखंड की राजनीति में आज बड़ा घटनाक्रम सामने आया।झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKMP) ने अपनी पूर्व प्रवक्ता निशा कुमारी भगत को पार्टी से निलंबित कर दिया है।
पार्टी की ओर से जारी पत्र (नं. JLKM/CP/16/25, दिनांक 06 सितम्बर 2025) में कहा गया है कि –
- हाल ही में निशा कुमारी भगत ने कूर्मी समुदाय को लेकर ऐसा बयान दिया, जिसे पार्टी ने अनुचित और असत्यापित माना।
- JLKMP का कहना है कि उसकी मूल सोच सभी जाति, धर्म और समुदाय के सम्मान व बराबरी की रक्षा करना है।
- अनुशासन समिति की सिफारिश पर निशा कुमारी को तुरंत प्रभाव से सभी पदों से मुक्त किया गया और
- उन्हें आने वाले छह वर्षों तक पार्टी की किसी भी गतिविधि में भाग लेने पर रोक लगा दी गई।
पार्टी अध्यक्ष जयाराम कुमार महतो ने आदेश पर हस्ताक्षर करते हुए कहा कि पार्टी अनुशासन और आपसी सम्मान पर कोई समझौता नहीं करेगी।

निशा कुमारी भगत की प्रतिक्रिया
निशा भगत ने फेसबुक पर लिखा –
“ईसाई समुदाय के बारे में बोली तो Jlkm Jharkhand को फर्क नहीं पड़ा, लेकिन कूर्मी समुदाय के लिए बोली तो बवाल हो गया। कूर्मी समुदाय किसी भी कीमत पर आदिवासी हितैषी नहीं हो सकता। सभी धर्मों के लोगों को लेकर चलने की हैसियत पार्टी में नहीं है।”
उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी मानसिकता को लेकर सवालों के घेरे में है और वे इस फैसले से असहमत हैं।

क्या कह रहे जानकार
राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि यह विवाद झारखंड की जनजातीय और कूर्मी समुदाय की राजनीति में नई खाई पैदा कर सकता है। JLKMP ने यह संदेश दे दिया है कि पार्टी की नीति और अनुशासन से कोई भी ऊपर नहीं है।
यह मामला झारखंड की सियासत में बड़ा मोड़ साबित हो सकता है। आने वाले दिनों में देखना होगा कि निशा कुमारी भगत अगला कदम क्या उठाती हैं और यह विवाद किस दिशा में जाता है।












