झारखंड में JPSC Civil Service Exam 2026 को लेकर अधिकतम आयु सीमा पर चल रहा असमंजस अब खत्म होने की ओर है। सदन में मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणा के बाद अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जगी है।
सरकार ने संकेत दिया है कि 18 अगस्त 2026 की जगह अब वर्ष 2022 को आधार मानकर आयु की गणना की जाएगी। इस फैसले से उन हजारों युवाओं को राहत मिल सकती है जो नई आयु गणना पद्धति के कारण परीक्षा से बाहर हो रहे थे।
क्या था पूरा विवाद?
मामला तब उठा जब कुछ विधायकों ने शून्यकाल में बताया कि पिछली परीक्षा में अधिकतम आयु की गणना 1 अगस्त 2017 से की गई थी, जबकि इस बार इसे 1 अगस्त 2026 से जोड़ा जा रहा था।
इस बदलाव का सीधा असर यह पड़ा कि बड़ी संख्या में अभ्यर्थी आयु सीमा पार कर गए और वे परीक्षा में आवेदन करने से वंचित हो गए।
सदन में क्या बोले मंत्री?
संसदीय कार्य मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने सदन में कहा कि इस मुद्दे पर कैबिनेट की पिछली बैठक में गंभीर चर्चा हुई है और मुख्यमंत्री इस विषय को लेकर पूरी तरह सजग हैं।
उन्होंने आश्वस्त किया कि सरकार का प्रयास है कि सभी योग्य अभ्यर्थियों को आवेदन का समान अवसर मिले।
विधायकों ने उठाई गरीब छात्रों की चिंता
विधायक प्रदीप यादव ने कहा कि कुछ अभ्यर्थियों ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया और उन्हें आवेदन की अनुमति मिल गई। लेकिन जो आर्थिक रूप से कमजोर छात्र अदालत तक नहीं पहुँच सके, वे अब भी परीक्षा से वंचित हैं।
इस पर मंत्री ने कहा कि सरकार इस असमान स्थिति को दूर करने के लिए समाधान निकाल रही है।
युवाओं को क्या मिलेगी राहत?
सूत्रों के अनुसार, सरकार जल्द ही अधिकतम आयु सीमा में छूट को लेकर अंतिम निर्णय ले सकती है। यदि 2022 को आधार वर्ष माना जाता है, तो बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों को दोबारा अवसर मिल सकेगा।
यह फैसला युवाओं के करियर प्लान और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
झारखंड में JPSC आयु सीमा विवाद पर सरकार की सक्रियता से अभ्यर्थियों में उम्मीद जगी है। अब सबकी नजर अंतिम आधिकारिक अधिसूचना पर टिकी है।
जैसे ही सरकार की ओर से अंतिम निर्णय जारी होगा, यह साफ हो जाएगा कि कितने अभ्यर्थियों को आयु सीमा में राहत मिलेगी और परीक्षा में शामिल होने का अवसर मिलेगा।












