Jharkhand: स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर ख़बर मंत्रा की ओर से झारखंड में भव्य “वीर सैनिक सम्मान समारोह” का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य उन वीर सपूतों और वीर नारियों को नमन करना था, जिन्होंने अपने अदम्य साहस, अनुशासन, त्याग और समर्पण से न केवल झारखंड बल्कि पूरे भारत का मस्तक गर्व से ऊँचा किया।
कार्यक्रम की शुरुआत माननीय अतिथियों, पूर्व सैनिकों और उपस्थित जनों के बीच भावपूर्ण संबोधन से हुई, जिसमें कहा गया—
“यह अवसर केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि हमारे सम्मान, कृतज्ञता और देशभक्ति की अभिव्यक्ति है।”
इसके बाद मंच पर उपस्थित सभी पूर्व सैनिकों और वीर नारियों का परिचय और उनके वीरता भरे योगदान का वर्णन किया गया।
सम्मानित हुए पूर्व सैनिक
- सूबेदार मेजर मुकेश कुमार – सेना आयुध कोर (1988–2014), कारगिल युद्ध में लॉजिस्टिक सपोर्ट।
- सूबेदार मेजर महेश प्रसाद सिन्हा – सेना सेवा कोर (1983–2012), ऑपरेशन विजय, रक्षक, पराक्रम में योगदान।
- सूबेदार मेजर योगेंद्र प्रसाद – सेना आयुध कोर (1991–2019), जैसलमेर, अनंतनाग, सिक्किम में तैनाती, कई ऑपरेशनों में भागीदारी।
- संजीत कुमार सिंह – थल सेना (1993–2018), 12 वर्ष जम्मू-कश्मीर में सेवा, कारगिल युद्ध के दौरान कुपवाड़ा में तैनाती।
- नायब सूबेदार मिथिलेश प्रसाद – आर्मी ऑर्डिनेंस कोर (2000–2016), हाई एल्टीट्यूड और संवेदनशील क्षेत्रों में सेवा।
- हवलदार राकेश कुमार – सिग्नल कोर (1995–2017), करगिल युद्ध में संचार नेटवर्क बनाए रखने में अहम भूमिका।
- नायब सूबेदार निर्भय कुमार – सेवा कोर (1995–2020), लेह-लद्दाख और कारगिल सप्लाई डिपो में सेवा।
- लांस नायक मुकेश कुमार – सिग्नल कोर (2005–2022), देशभर में संचार नेटवर्क को मजबूत किया।
- हवलदार मंजीत प्रकाश – कोर ऑफ सिग्नल (2004–2021), गलवान वैली घटना के दौरान लेह में तैनाती, आतंकवादी पकड़े जाने में मदद।
- पेटी ऑफिसर सुरेंद्र विश्वकर्मा – इंडियन नेवी (1998–2013), ऑपरेशन विजय में भागीदारी, इंडियन नेवल वारशिप मुंबई के निर्माण में सहयोग।
- सार्जेंट केदारनाथ प्रसाद – वायु सेना (1977–1992), दुर्गम एयरबेस पर सेवा, 2020 में वायु सेना अध्यक्ष से सम्मानित।
- नायक दिनेश कुमार शर्मा – थल सेना (1988–2003), श्रीलंका IPKF मिशन और कारगिल युद्ध में तैनाती।
सम्मानित हुई वीर नारियां
- सुचिता तिर्की – पत्नी शहीद हवलदार प्रभु सहाय तिर्की, 2017 में सियाचिन ग्लेशियर पर बलिदान, मरणोपरांत सेना मेडल।
- बिना तिग्गा – पत्नी शहीद सिपाही नाईमन कुजूर, 2016 में ऑपरेशन ओपी रक्षक के दौरान शहादत।
- एनेस्थीसिया होरो – पत्नी शहीद हवलदार फ्रांसिस होरो, 2016 में हिमपात के दौरान बलिदान।
- झिंगी डुंगडुंग – पत्नी शहीद सिपाही जावरा मुंडा, 2016 में सियाचिन ग्लेशियर पर बलिदान।
- सुबरमनी देवी – पत्नी शहीद हवलदार बेलहम मिंज, 1971 भारत-पाक युद्ध में परमवीर चक्र विजेता अल्बर्ट एक्का के साथ वीरता का प्रदर्शन।
विशेष उपस्थिति और आश्वासन
इस अवसर पर रांची जिला प्रशासन के एडीएम राजेश्वर नाथ आलोक भी उपस्थित रहे। उन्होंने मंच से सभी पूर्व सैनिकों और वीर नारियों को आश्वस्त किया कि उनकी ओर से हर संभव मदद और सहयोग प्रदान करने का प्रयास किया जाएगा।
मौके पर ख़बर मंत्रा के मैनेजिंग डायरेक्टर सौरव सिंह और सिद्धार्थ सिंह, चीफ़ एडिटर अविनाश ठाकुर, संपादक राजेश सिंह और जनरल मैनेजर रामाशंकर सिंह भी मौजूद रहे।
देशभक्ति और गर्व का क्षण
समारोह के अंत में उपस्थित जनों ने खड़े होकर तालियों की गड़गड़ाहट और “भारत माता की जय” के नारों के साथ वीर सैनिकों और वीर नारियों को सम्मानित किया। ख़बर मंत्रा की ओर से कहा गया कि यह कार्यक्रम केवल सम्मान का प्रतीक नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।



















































