रांची: झारखंड के अपराध अनुसंधान विभाग (CID) ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैले एक बड़े साइबर स्लेवरी रैकेट का खुलासा किया है। यह मामला बैंकॉक (थाईलैंड) स्थित KK Park साइबर स्कैम कंपाउंड से जुड़ा है, जहां भारत समेत कई देशों के युवाओं को नौकरी का झांसा देकर जबरन ऑनलाइन ठगी में लगाया जाता था।
इस संबंध में साइबर क्राइम थाना कांड संख्या 158/25 (दिनांक 09.12.2025) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS), सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66(B), 66(C), 66(D) तथा Emigration Act की धारा 10/24 के तहत दर्ज किया गया है।
जमशेदपुर से मुख्य आरोपी सरताज आलम गिरफ्तार
जांच के दौरान CID ने जमशेदपुर के आजादनगर थाना क्षेत्र निवासी सरताज आलम को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि आरोपी विदेश में बैठे अपने सहयोगियों के साथ मिलकर युवाओं को आकर्षक विदेशी नौकरी का लालच देता था।
बताया गया है कि युवकों को थाईलैंड, कंबोडिया और लाओस जैसे देशों में डाटा एंट्री या अन्य नौकरियों का झांसा देकर भेजा जाता था। विदेश पहुंचने के बाद उनके पासपोर्ट जब्त कर उन्हें साइबर ठगी के विभिन्न मॉड्यूल में जबरन काम करने के लिए मजबूर किया जाता था।
ऐसे काम करता था साइबर स्लेवरी गिरोह
CID जांच में गिरोह के काम करने का तरीका भी सामने आया है:
- अनधिकृत एजेंटों के जरिए विदेश में नौकरी का झांसा
- वीजा और टिकट के नाम पर मोटी रकम की वसूली
- बैंकॉक स्थित स्कैम सेंटर में ठगी का प्रशिक्षण
- व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम और फेसबुक पर फर्जी प्रोफाइल बनवाना
- विदेशी नागरिकों को निवेश योजना, डिजिटल अरेस्ट और अन्य ऑनलाइन स्कैम में फंसाना
- फर्जी ऐप और वेबसाइट लिंक भेजकर रकम ट्रांसफर कराना
- पीड़ित युवकों के पासपोर्ट जब्त कर उन्हें बंधक बनाकर काम कराना
सूत्रों के अनुसार, विदेशी नागरिकों से ठगी की गई रकम अलग-अलग खातों में जमा कराई जाती थी, जिसकी जांच अब वित्तीय विश्लेषण के जरिए की जा रही है।
अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की जांच जारी
CID फिलहाल इस रैकेट से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है। अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की कड़ियां खंगाली जा रही हैं। साथ ही पीड़ित युवकों की पहचान और वित्तीय लेनदेन की गहन जांच जारी है।
झारखंड पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर सक्रिय अनधिकृत एजेंटों से सावधान रहें। किसी भी प्रकार की साइबर ठगी की शिकायत तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 या आधिकारिक पोर्टल पर दर्ज कराएं।
क्या है साइबर स्लेवरी?
साइबर स्लेवरी वह स्थिति है, जिसमें लोगों को धोखे से विदेश ले जाकर उनके दस्तावेज जब्त कर ऑनलाइन ठगी या डिजिटल अपराध में जबरन शामिल किया जाता है। दक्षिण-पूर्व एशिया में इस तरह के कई संगठित स्कैम कंपाउंड संचालित होने की खबरें पहले भी सामने आ चुकी हैं।
(अपडेट जारी… इस मामले में आगे और खुलासे की संभावना है)













