Bihar News: लालू प्रसाद यादव, जिनका जन्म 11 जून 1948 को बिहार के गोपालगंज जिले के फुलवरिया गांव में हुआ, भारतीय राजनीति की उन विरली हस्तियों में गिने जाते हैं जिन्होंने ज़मीनी संघर्षों से उठकर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी छाप छोड़ी. भले ही वे ‘चरवाहा विद्यालय’ में पढ़े हों, लेकिन आगे चलकर उन्होंने बिहार की राजनीति में ऐसा तूफान खड़ा किया जिसे नज़रअंदाज़ करना मुश्किल था.
राजनीतिक उभार: संघर्ष, आंदोलन और जनता का नेता
लालू यादव ने छात्र राजनीति से अपना सफर शुरू किया और जल्दी ही जेपी आंदोलन के दौरान उभरते युवा चेहरों में शामिल हो गए. 1977 में वे पहली बार लोकसभा सांसद बने और 1990 में बिहार के मुख्यमंत्री. उन्होंने पिछड़े और वंचित वर्गों की आवाज़ को पहली बार सत्ता तक पहुंचाया.
चारा घोटाला: लालू यादव का सबसे बड़ा राजनीतिक संकट
क्या था चारा घोटाला?
1990 के दशक में बिहार में पशुपालन विभाग से जुड़े एक विशाल घोटाले का पर्दाफाश हुआ, जिसमें सरकारी फंड से करोड़ों रुपये की फर्जी निकासी की गई थी. इस घोटाले में लालू यादव पर आरोप लगे कि उनके कार्यकाल में यह घोटाला पनपा और उन्होंने पद का दुरुपयोग किया.
मुकदमे और सजा
1997 में CBI ने लालू यादव के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की. उन्हें मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा और जेल भी जाना पड़ा. इसके बाद कई वर्षों तक केस चला और उन्हें कई मामलों में दोषी ठहराया गया.
राजनीति में गिरावट और फिर वापसी
चारा घोटाले ने उनकी छवि को गहरी चोट पहुंचाई. लेकिन लालू ने हार नहीं मानी. उन्होंने अपनी पत्नी राबड़ी देवी को मुख्यमंत्री बनाया और RJD को एक मज़बूत जातिगत आधार पर खड़ा रखा.
परिवारवाद और भ्रष्टाचार के आरोप
- परिवारवाद का आरोप: लालू यादव ने अपने बच्चों को भी राजनीति में उतारा, जिससे उन पर ‘पारिवारिक सत्ता’ चलाने के आरोप लगे.
- बेनामी संपत्ति केस: CBI और ED ने उनके परिवार पर कई बेनामी संपत्तियों और जमीन घोटालों की जांच शुरू की.
- राजनीतिक गठबंधन और टूटफूट: कभी कांग्रेस, कभी जेडीयू और फिर अकेले संघर्ष — लालू यादव के राजनीतिक गठबंधन भी विवादों का हिस्सा रहे.
लोकप्रियता बनाम विवाद
जहां एक ओर लालू यादव को घोटालों और आरोपों से जोड़कर देखा गया, वहीं दूसरी ओर वे हमेशा जनता से जुड़े रहे. उनका देसीपन, हाज़िरजवाबी और जनता से सीधा संवाद उन्हें अब भी लोकप्रिय बनाए हुए है. वे न सिर्फ राजनेता, बल्कि एक “लोक संस्कृति” के प्रतीक बन गए.












