Jharkhand News: झारखंड की राजनीति के पुरोधा, दिशोम गुरु शिबू सोरेन का निधन हो गया है. उनके निधन से पूरे राज्य में शोक की लहर दौड़ गई है. लंबे समय तक झारखंड आंदोलन की अगुवाई करने वाले शिबू सोरेन ने सोमवार को अपनी अंतिम सांस ली.
गुरु जी का पार्थिव शरीर कल सोमवार को शाम करीब 7 बजे रांची एयरपोर्ट लाया गया, जहां से मोरहाबादी स्थित उनके आवास पर अंतिम दर्शन के लिए रखा गया. रात भर हजारों की संख्या में लोग उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचे.
आज मंगलवार को उनका पार्थिव शरीर झारखंड विधानसभा ले जाएगा, जहां विधायकों और अन्य गणमान्य अतिथियों ने अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित की. इसके बाद उनका पार्थिव शरीर रामगढ़ स्थित पैतृक गांव नेमरा के लिए रवाना कर दिया गया.
अंतिम संस्कार में कई दिग्गज नेता होंगे शामिल
दिशोम गुरु को अंतिम विदाई देने के लिए कई राष्ट्रीय नेता झारखंड पहुंचे हैं. राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव हेलीकॉप्टर के माध्यम से नेमरा गांव पहुंचेंगे, जहां पास के लुकायाताड़ हेलीपैड पर उनका हेलीकॉप्टर उतारा जाएगा.
आप सांसद संजय सिंह और पूर्णिया सांसद पप्पू यादव भी रांची पहुंच चुके हैं. संजय सिंह ने कहा,
“यह झारखंड और देश के लिए बहुत बड़ी क्षति है. AAP और अरविंद केजरीवाल की ओर से हम उनके परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं.”
नेता ही नहीं, जननायक थे गुरुजी
शिबू सोरेन सिर्फ एक नेता नहीं, बल्कि झारखंड के लोगों के लिए संघर्ष और न्याय के प्रतीक थे. उन्होंने आदिवासी अधिकारों, सामाजिक न्याय और राज्य की अस्मिता के लिए जीवन भर संघर्ष किया.
उनका निधन झारखंड के लिए एक अपूरणीय क्षति है, जिसकी भरपाई कभी नहीं की जा सकेगी.












